Nag Panchami 2026: 17 अगस्त को नाग पंचमी पर बन रहा खास संयोग, साथ में सावन का तीसरा सोमवार; जानें शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाएगी, जिसमें नाग देवताओं की पूजा सर्प दंश से बचाव और जीवन में सुख-शांति ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, रांची। हर वर्ष की तरह इस बार भी नाग पंचमी का पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाएगा। 17 अगस्त 2026, सोमवार को नाग पंचमी पड़ रही है। खास बात यह है कि इसी दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है।
ऐसे में नाग पंचमी और सावन सोमवार का यह संयोग पर्व के महत्व को और बढ़ा रहा है। मान्यता है कि इस विशेष संयोग में शुभ मुहूर्त पर नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को दोगुना पुण्य फल प्राप्त हो सकता है।
इस बार नाग पंचमी 17 अगस्त को मनाई जाएगी। पं नागेश मिश्र ने बताया कि नाग पंचमी श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है ताकि सर्प दंश (काटने) का भय न रहे, जीवन में सुख-शांति बनी रहे, और प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान प्रकट किया जा सके।
सनातन धर्म में नागों को केवल जीव नहीं, बल्कि देवता का स्वरूप माना जाता है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान हैं, जबकि भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन करते हैं। यही कारण है कि नागों का धार्मिक महत्व बहुत अधिक माना जाता है। नाग पंचमी मनाने के पीछे कई कथाएं प्रचलित हैं।
सबसे प्रसिद्ध कथा के अनुसार, एक किसान खेत जोत रहा था। हल चलाते समय गलती से नागिन के बच्चों की मृत्यु हो गई। दुखी और क्रोधित नागिन ने किसान के परिवार को डंस लिया। बाद में किसान की बेटी ने श्रद्धा से नाग देवता की पूजा की और उनसे क्षमा मांगी।
उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर नागिन ने पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया। तभी से नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने की परंपरा शुरू हुई। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार की रक्षा होती है और जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं। पहाड़ी मंदिर पर प्राचीन नाग देवता का मंदिर है। यहां पहले नाग देवता की पूजा की जाती है और इसके बाद पहाड़ी बाबा की।
