यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नक्सलियों का बिहार-झारखंड बंद बेअसर, धमकी के बाद से हाईअलर्ट पर थी पुलिस
नक्सलियों का बिहार और झारखंड बंद का एलान बेअसर रहा। पूरे राज्य में बंद के दौरान कहीं से किसी भी तरह की अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली। जानकारी के मु ...और पढ़ें

HighLights
- नक्सलियों ने बिहार और झारखंड बंद का किया था एलान
- तीन नक्सलियों की गिरफ्तारी के विरोध में किया था एलान
- नक्सलियों ने 25 जुलाई को झारखंड-बिहार बंद बुलाया था
राज्य ब्यूरो, रांची। बिहार और झारखंड में बुलाया गया नक्सलियों का बंद बेअसर रहा। नक्सल प्रभावित कुछ क्षेत्रों में बड़े वाहन नहीं चले। कहीं से किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
गिरिडीह के एक केस में धनबाद से गिरफ्तार 25 लाख की इनामी जया उर्फ चिंता सहित तीन नक्सलियों की गिरफ्तारी के विरोध में नक्सलियों ने 25 जुलाई को झारखंड-बिहार बंद बुलाया था।
गिरफ्तार जया एक करोड़ के इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक की पत्नी है। वह नक्सली संगठन में बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य थी। वह नक्सली संगठन नारी मुक्ति संघ का नेतृत्व कर रही थी।
बुधवार को ही जिला पुलिस को किया गया था अलर्ट
बुधवार की रात 12 बजे से ही नक्सलियों की बंदी शुरू थी। पुलिस मुख्यालय ने बंदी को देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट कर दिया था। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस गश्त तेज की गई थी। रेलवे ट्रैक पर भी पेट्रोलिंग तेज किया गया था, ताकि नक्सली ट्रेनों को निशाना न बना पाएं। राज्य की खुफिया एजेंसी भी अलर्ट पर थी।
नक्सल विरोधी अभियान में जुटी झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ व कोबरा बटालियन के जवानों ने भी सक्रियता बढ़ाई थी, जिसका असर यह हुआ कि नक्सली बंद के दौरान किसी भी विध्वंसक घटना को अंजाम नहीं दे पाए।ॉ
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