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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: एनटीपीसी खनन मामले में NCST गंभीर, राज्य के टॉप 5 अधिकारियों को भेजा नोटिस

    Updated: Thu, 24 Apr 2025 10:50 PM (IST)

    एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोल परियोजना में खनन के कारण बिरहोर समुदाय के लोगों की मौतों पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग गंभीर है। आयोग ने राज्य के पा ...और पढ़ें

    खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
    खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    HighLights

    1. आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों की लगातार हो रही मौतों को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग गंभीर

    राज्य ब्यूरो, रांची। एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोल परियोजना के माइन डेवलपर और ऑपरेटर की ओर से खनन के दुष्प्रभाव से विलुप्तप्राय आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों की लगातार हो रही मौतों को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) गंभीर हो गया है।

    बीते एक सप्ताह के भीतर आयोग ने राज्य के शीर्ष पांच विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर पंद्रह दिनों में जवाब मांगा है। जवाब नहीं मिलने की स्तिथि में आयोग ने समन भी जारी करने की चेतावनी दी है। आयोग ने पहली बार दुर्गा बिरहोर और किरणी बिरहोर के मौत के बाद अधिकारियों को नोटिस जारी किया था।

    अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ-साथ सचिव अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा कल्याण विभाग, सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, सचिव खान एवं भूविज्ञान विभाग एवं डीजीपी को नोटिस जारी करते हुए पंद्रह दिनों के अंदर कार्यवाही की सूचना प्रस्तुत करने को कहा गया था।

    अब पुनः गीता बिरहोर की मौत के बाद आयोग ने दूसरी बार शीर्ष पांच अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने उक्त नोटिस एक्टिविस्ट मंटु सोनी की शिकायत पर जारी किया है। इसी बीच 23 अप्रैल को दो माह की दुधमुंही बच्ची निशा बिरहोर की भी मौत हो गई है। इस प्रकार यह चौथी मौत हुई है।

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    आरोप है कि एनटीपीसी खनन, पर्यावरण एवं आम जनजीवन के सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करके आनन-फानन में खनन कार्य चालू कर दिया था। जिसके बाद से अब तक आदिम जनजाति समुदाय के तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

    गीता बिरहोर की मौत ऐसे समय में हुई है जब मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग ने कड़ी टिप्पणी करते हुए एनटीपीसी के सीएमडी और हजारीबाग डीसी से स्पष्टीकरण मांगा है।

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