झारखंड में शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, नेतरहाट विद्यालय में सामान्य स्कूलों के शिक्षक होंगे प्रतिनियुक्त
नेतरहाट आवासीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए पहली बार सामान्य स्कूलों के शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति होगी। अंग्रेजी, गणित, हिंदी सहित सात ...और पढ़ें

शिक्षा विभाग ने लिया फैसला। (फाइल फोटो)
HighLights
नेतरहाट विद्यालय में पहली बार शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति।
सात विषयों के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 फरवरी तक।
शिक्षकों की कमी दूर करने को महत्वपूर्ण निर्णय।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य के प्रतिष्ठित नेतरहाट आवासीय विद्यालय, लातेहार में पहली बार सामान्य स्कूलों के शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति हाेगी।
विद्यालय में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इस आवासीय विद्यालय में फिलहाल सात विषयों अंग्रेजी, गणित, हिंदी, जीव विज्ञान, भौतिकी, संस्कृत तथा भूगोल विषय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रशिक्षित पुरुष शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति होगी, जिसके लिए ई-विद्यावाहिनी पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।
इसे लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक शशि रंजन ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश भेज दिया है।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 21 फरवरी निर्धारित की गई है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कार्यरत शिक्षकों को नेतरहाट विद्यालय में प्रतिनियुक्त नहीं किया जाएगा।
वेटनरी कॉलेज में नियुक्ति मामले जेपीएससी से मांगा जवाब
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में रांची के वेटरनरी कॉलेज में प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जवाब तलब किया है। अदालत ने आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित नियुक्ति प्रक्रिया कितने दिनों में पूरी कर ली जाएगी।
कोर्ट ने जेपीएससी को निर्देश दिया कि वह इस संबंध में विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जेपीएससी ने रांची वेटरनरी कॉलेज में प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट पद पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2017 में विज्ञापन जारी किया था, लेकिन आठ वर्षों के बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
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लंबे समय से प्रक्रिया लंबित रहने के कारण योग्य अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर अदालत ने जेपीएससी से सवाल किया कि इतने वर्षों बाद भी विज्ञापन के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं हुई और इसे कब तक अंतिम रूप दिया जाएगा।
कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि वह निर्धारित समय सीमा बताते हुए अपना जवाब दाखिल करे। इस मामले में अरविंद कुमार शर्मा एवं अन्य की ओर से याचिका दायर की गई है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।