यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नक्सली और आंतकी संगठन से NIA को खतरा, गृह मंत्रालय ने उठाया बड़ा कदम; झारखंड सरकार को दिया ये निर्देश
एनआईए झारखंड में असुरक्षित महसूस करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है जिसमें अपने ऑफिस और अफसरों की सुरक्षा का जिक्र किया है। चिट्ठी मि ...और पढ़ें

HighLights
- सुरक्षा ऑडिट के बाद राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी सुरक्षा
- NIA ने पत्र लिखकर कार्यालय व अधिकारियों की असुरक्षा का उठाया मुद्दा
दिलीप कुमार, रांची। केंद्रीय जांच एजेंसियां झारखंड में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। ईडी(ED) के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए(NIA) ने भी केंद्रीय गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है और अपने कार्यालय व पदाधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है।
एनआईए के पत्र के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव व गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता करने के लिए लिखा है। अब सरकार के स्तर पर इस पर विचार किया जा रहा है। बहुत जल्द सुरक्षा ऑडिट के बाद एनआईए की सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी।
गृह मंत्रालय को NIA ने दी ये जानकारी
एनआईए ने केंद्र को जानकारी दी थी कि राज्य में राष्ट्रीय जांच एजेंसी कई गंभीर मामलों की जांच कर रही है। राज्य में सक्रिय रहा वर्तमान में प्रतिबंधित पोपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई), बड़े नक्सल संगठन व विभिन्न आतंकी संगठनों के विरुद्ध एनआईए की जांच तेज है।
जांच के सिलसिले में एनआईए के अधिकारियों को सुदूर गांवों तक भी जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में ये संगठन एनआईए के अधिकारियों को निशाना बना सकते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इससे पूर्व ईडी ने भी केंद्र को पत्र लिखकर कार्यालय व अधिकारियों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की थी। सर्विलांस पर मिली सटीक सूचना के बाद ईडी ने जेल में छापेमारी भी की थी, जिसमें यह खुलासा हो गया था कि ईडी के अधिकारियों को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रची जा रही है।
खबरें और भी
जेल में बंद मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित नक्सलियों व गैंगस्टरों से संपर्क साध रहे हैं, जो ईडी के अधिकारियों पर नजर रखें और मौका पाकर उन्हें नुकसान पहुंचाएं। इससे पहले ही ईडी ने पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया है।
बड़े मामलों का खुलासा कर चर्चा में है NIA
एनआईए हाल में कई बड़े मामलों का खुलासा करने के बाद से ही चर्चा में है। तीन दशक से फरार रहे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो दिनेश गोप को एनआईए ने कुछ महीने पहले पकड़ा है। आईएस आतंकी फैजान को भी एनआईए ने उसके लोहरदगा स्थित आवास से पकड़ा था।
इसी प्रकार बिहार के पटना स्थित फुलवारी शरीफ से बहुचर्चित पीएफआई के संदिग्धों को पकड़ा था। पीएफआई झारखंड में बैन है, लेकिन इसके कार्यकर्ता व संदिग्ध राज्य में छुपकर रह सकते हैं, ऐसी एनआईए को आशंका है।
एनआईए ऑपरेशन डबल बुल मामले में हथियारों का बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) कनेक्शन खंगाल रही है। राज्य में आधा दर्जन से अधिक नक्सल कांडों में भी एनआईए की जांच जारी है। इन सभी मामलों की जांच के लिए एनआईए चर्चा में है।