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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पलामू, दुमका व पाकुड़ के वकीलों के लिए खुशखबरी: बहस के लिए रांची आने की नहीं जरूरत, वर्चुअल प्‍लेटफॉर्म का किया उद्घाटन

    By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
    Updated: Thu, 30 Nov 2023 12:55 PM (IST)

    पलामू दुमका और पाकुड़ के वकीलों को बहस करने के लिए अब हाई कोर्ट आने की जरूरत नहीं होगी। ये जहां हैं वहीं से अपना पक्ष रख सकेंगे क्‍योंकि इन तीन जिलों ...और पढ़ें

    पलामू, दुमका व पाकुड़ के वकील हाई कोर्ट में कर सकेंगे अब बहस।
    पलामू, दुमका व पाकुड़ के वकील हाई कोर्ट में कर सकेंगे अब बहस।

    राज्य ब्यूरो, रांची। पलामू, दुमका और पाकुड़ के वकीलों को बहस करने के लिए अब हाई कोर्ट आने की जरूरत नहीं होगी। इन जिलों के वकील वहीं से हाई कोर्ट में अपना पक्ष रख सकेंगे। बुधवार को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा ने इन तीन जिलों के लिए वर्चुअल प्लेटफार्म का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

    ई -फाइलिंग की सुविधा पर अभी बात बाकी

    इस दौरान हाई कोर्ट के सभी जज, महाधिवक्ता राजीव रंजन सहित अन्य लोग मौजूद थे। हाई कोर्ट की कंप्यूटर एवं डिजिटाइजेशन कमेटी ने तीन जिलों से हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए जिला न्यायालयों में पहले से स्थापित ई- सेवा केंद्र को वर्चुअल सुनवाई में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है।

    हालांकि, सेवा केंद्रों से नए मामलों की ई-फाइलिंग को शुरुआती कठिनाइयों जैसे स्टांप रिपोर्टिंग और त्रुटि निवारण आदि के कारण स्थगित रखा गया है। इस संबंध में सभी पक्षों से विचार- विमर्श करने के बाद ई-फाइलिंग की सुविधा शुरू की जाएगी।

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    एडवोकेट एसोसिएशन ने उद्घाटन समारोह से खुद को रखा अलग

    झारखंड हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने उद्घाटन समारोह से स्वयं को अलग रखा। एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं से कहा गया कि हाई कोर्ट ने नई व्यवस्था लागू करने से पहले एसोसिएशन से विचार-विमर्श नहीं किया। वर्चुअल सुनवाई में हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं को इन जिलों के कोर्ट में पक्ष रखने की सहूलियत नहीं दी जा रही है। कई तकनीकी पहलुओं को दरकिनार किया गया है।

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