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पतरातू की दूसरी यूनिट से इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई शुरू, झारखंड को बड़ी राहत; मिलेगी अतिरिक्त 680 मेगावाट बिजली

Published: Wed, 24 Jun 2026 06:44 PM (IST)

पतरातू सुपर थर्मल पावर परियोजना की दूसरी 800 मेगावाट यूनिट का वाणिज्यिक संचालन शुरू हो गया है, जिससे झारखंड को ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पतरातू की दूसरी 800 मेगावाट यूनिट का वाणिज्यिक संचालन शुरू।

  2. झारखंड को अब कुल 1360 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी।

  3. डीवीसी कमांड एरिया में बिजली संकट से मिलेगी राहत।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने पतरातू सुपर थर्मल पावर परियोजना की दूसरी यूनिट (800 मेगावाट) के वाणिज्यिक संचालन (कमर्शियल आपरेशन) की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार सहगल ने जेबीवीएनएल और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को पत्र भेजकर सूचित किया है कि यूनिट-2 का वाणिज्यिक संचालन 25 जून की मध्यरात्रि से प्रभावी होगा। इससे बुधवार रात 12 बजे से यहां से बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

इससे झारखंड को 680 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिल सकेगी। राज्य सरकार और जेबीवीएनएल लंबे समय से इस यूनिट से बिजली आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। हाल ही में ऊर्जा सचिव के. श्रीनिवासन के निर्देश पर जेबीवीएनएल ने पीवीयूएनएल को पत्र लिखकर बढ़ती मांग को देखते हुए जल्द बिजली उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया था।

बताते चलें कि पतरातू परियोजना की पहली यूनिट से राज्य को पहले से 680 मेगावाट बिजली मिल रही है। अब दूसरी यूनिट के शुरू होने से राज्य के हिस्से में कुल 1,360 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी। इससे बिजली संकट से जूझ रहे उपभोक्तओं को बड़ी राहत मिलेगी।

खासकर दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) कमांड एरिया में इस अतिरिक्त बिजली का लाभ मिलेगा। धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा जिलों में हाल के दिनों में बढ़ी बिजली मांग के कारण लोड शेडिंग और कटौती की समस्या सामने आ रही थी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर डीवीसी क्षेत्र में अतिरिक्त 200 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की मांग की थी।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मौसम और तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण राज्य में बिजली की मांग दो हजार से तीन हजार मेगावाट के बीच पहुंच रही है। ऐसे में पतरातू परियोजना की नई यूनिट का संचालन बिजली व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

डीवीसी क्षेत्र की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ज्वाइंट वेंचर

डीवीसी कमांड एरिया में बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीवीसी और जेबीवीएनएल के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) का गठन होगा। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता में पिछले दिनों रांची में हुई समीक्षा बैठक में इस पर सहमति बनी है।

प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा जिलों में बिजली वितरण व्यवस्था का अध्ययन कर दीर्घकालिक समाधान तैयार करेगा।