Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर खास संयोग, भद्रा का नहीं साया; जानें शाम तक राखी बांधने का शुभ समय
भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार को मनाया जाएगा, जिसमें दिन भर शुभ मुहूर्त रहेगा। इस दिन यायीजयद योग ...और पढ़ें

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HighLights
रक्षाबंधन शुक्रवार को मनाया जाएगा, दिन भर शुभ मुहूर्त।
यायीजयद योग और बब योग जैसे शुभ मुहूर्त मौजूद।
जागरण संवाददाता, रांची। भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन आज मनाया जाएगा। पर्व को लेकर राजधानी के बाजारों में गुरुवार को खासा उत्साह देखने को मिला। राखी और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही और लोगों ने अपनी पसंद की राखियां खरीदीं।
ज्योतिषाचार्य पंडित. रामदेव पांडेय के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। उनके मुताबिक दिनभर राखी बांधने के लिए अनुकूल समय रहेगा। सुबह 8.45 बजे तक अतिगंड योग रहेगा, जिसके बाद बव योग शुरू होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में अतिगंड योग को सावधानी और संघर्ष से जुड़ा माना जाता है, जबकि इसके बाद बनने वाले योग को शुभ माना गया है।
उन्होंने बताया कि इस दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा। ऐसे में सुबह 8.45 बजे के बाद शाम तक रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकता है। हालांकि, राहुकाल सुबह 10.14 बजे से 11.50 बजे तक रहेगा। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं का पालन करने वाले लोग इस अवधि को ध्यान में रखकर पर्व की तैयारियां कर सकते हैं।
रक्षाबंधन के साथ कई विशेष अवसर
पंडित. रामदेव पांडेय के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन के दिन अन्य विशेष अवसर भी पड़ रहे हैं। इस दिन संस्कृत दिवस, राखी पूर्णिमा और दुर्गारथ यात्रा का भी संयोग है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बनने वाला विजया योग भी शुभ कार्यों और सफलता के लिए अनुकूल माना जाता है।
रक्षाबंधन भारतीय परंपरा का एक प्रमुख पर्व है, जिसे भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई उनकी रक्षा व साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।
बदलते समय के साथ यह पर्व केवल भाई-बहन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई लोग इसे प्रेम, विश्वास और रिश्तों की मजबूती के प्रतीक के रूप में भी देखते हैं।
