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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'राम मंदिर का पंडाल हिंदुस्तान में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा?', झारखंड में वोटबैंक की सियासत पर घमासान

    Updated: Sat, 14 Sep 2024 04:49 PM (GMT+05:30)

    भाजपा ने JMM पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि धुर्वा में राम मंदिर के स्वरूप पर बन रह ...और पढ़ें

    झारखंड में वोटबैंक की सियासत पर घमासान तेज।
    झारखंड में वोटबैंक की सियासत पर घमासान तेज।

    HighLights

    1. भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, राज्य सरकार आस्था से न करे खिलवाड़
    2. कहा- तुष्टीकरण और वोट बैंक के चश्मे से संवेदनशील मुद्दे को न देखे JMM

    राज्य ब्यूरो, रांची। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा को नसीहत दी है कि वह तुष्टीकरण और वोट बैंक के चश्मे से संवेदनशील मुद्दे को न देखे।

    प्रतुल ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि धुर्वा के पुराने विधान सभा मैदान में राम मंदिर के स्वरूप पर बन रहे पंडाल को लेकर सरकार जबरदस्ती तनाव उत्पन्न कर रही है।

    राम मंदिर प्रतिरूपी पंडाल हिंदुस्तान में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा

    उन्होंने कहा कि अगर राम मंदिर के स्वरूप का भव्य पंडाल बन रहा है तो इस पर सरकार को आपत्ति क्यों है? राम मंदिर स्वरूप का पंडाल हिंदुस्तान में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा।

    वोट बैंक के तुष्टीकरण कर रही झामुमो

    प्रतुल शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के उप सचिव द्वारा उच्च न्यायालय में दिए एफिडेविट को झामुमो नेता पढ़ेंगे तो, उन्हें घुसपैठ के विषय में सारा कुछ स्पष्ट हो जाएगा।

    संथाल परगना के छह जिलों में हुई है घुसपैठ 

    उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक के तुष्टीकरण के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा सच्चाई से इनकार कर रही है। इसके प्वाइंट नंबर 35 में स्पष्ट लिखा है कि संथाल परगना के छह जिलों में घुसपैठ पाकुड़ और साहिबगंज के इलाके से हुई है। सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में मदरसे बनाए हैं।

    केंद्र ने सौंपी थी घुसपैठियों की सूची, लेकिन...

    उन्होंने कहा कि 2021 में केंद्र ने राज्य सरकार को दो बार पत्र लिखकर 203 और एक बार 145 घुसपैठिए की सूची सौंप थी। केंद्र ने राज्य को इस पर कार्रवाई करने को भी कहा था। मगर राज्य सरकार उसको दबा कर बैठ गई।

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