झारखंड के पिपरवार में एक साथ उठी चार मासूमों की अर्थियां, चीख-पुकार से कांपा पूरा इलाका
रांची के पिपरवार थाना क्षेत्र के चिरैयाटांड़ में हुए भीषण सड़क हादसे में चार स्कूली छात्रों की मौत के बाद गांव में मातम छा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव ...और पढ़ें

एआई जेनरेटंड तस्वीर

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जागरण संवाददाता, पिपरवार(रांची)। पिपरवार थाना क्षेत्र के चिरैयाटांड़ में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में चार स्कूली छात्रों की मौत के बाद शनिवार को गांव में हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला। पोस्टमार्टम के बाद जब चारों किशोर छात्रों के शव किचटो पंचायत अंतर्गत बाराडीह और हफुआ गांव पहुंचे तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। एक साथ चार अर्थियां उठने से गांव में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।
दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चारों किशोरों की चिताएं जब एक साथ सजाई गईं तो यह दृश्य देखकर ग्रामीणों का कलेजा कांप उठा। इस घटना ने पूरे किचटो पंचायत के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
चारों छात्रों का अंतिम संस्कार दामोदर नदी के तट पर किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और नम आंखों से मासूम छात्रों को अंतिम विदाई दी।
मुआवजा को लेकर जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी
इधर, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के बाद मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और नौकरी दिलाने के बजाय मात्र 75 हजार रुपये की सहायता राशि देकर समझौता कराया गया, जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि समझौते के दस्तावेज पर जिस तरह हस्ताक्षर कराए गए, उससे लोगों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि इस मामले में गरीब परिवारों के साथ न्याय नहीं हुआ है।
सभी मृतक छात्र अपने परिवार का था सहारा
ग्रामीणों ने बताया कि मृतकों में सभी किशोर गरीब परिवार के थे और अपने-अपने परिवार के भविष्य का सहारा माने जाते थे। उनकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है।
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इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को कुछ सहारा मिल सके।