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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ranchi Liquor Scam: शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी ED ने की दिनभर की पूछताछ, 34 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

    By Dilip KumarEdited By: Yashodhan Sharma
    Updated: Sun, 27 Aug 2023 01:38 AM (GMT+05:30)

    रांची में जमीन बालू व शराब घोटाला मामले में मनी लांड्रिंग के तहत दर्ज ECIR में ईडी की जांच तेज है। इसी सिलसिले में शनिवार को ईडी ने देवघर के शराब कारो ...और पढ़ें

    Ranchi Liquor Scam: शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी ED ने की दिनभर की पूछताछ, 34 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
    Ranchi Liquor Scam: शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी ED ने की दिनभर की पूछताछ, 34 ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

    HighLights

    1. ईडी ने योगेंद्र तिवारी से उसकी कंपनी के आय-व्यय व चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा लेकर ईडी कार्यालय पहुंचने को कहा
    2. अमरेंद्र तिवारी ने पिता की बीमारी का हवाला देकर ईडी से मांगा समय

    राज्य ब्यूरो, रांची: रांची में जमीन, बालू व शराब घोटाला मामले में मनी लांड्रिंग के तहत दर्ज ECIR में ईडी की जांच तेज है। इसी सिलसिले में शनिवार को ईडी ने देवघर के शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी से दिनभर पूछताछ की।

    ईडी ने उसे इस हिदायत के साथ पूछताछ कर छोड़ा है कि वह अपनी कंपनी के आय-व्यय, बैंकिंग लेन-देन, चल-अचल संपत्ति के कागजात के साथ ईडी कार्यालय पहुंचें।

    ईडी ने पिछले दिनों इस मामले में 34 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। उन ठिकानों में योगेंद्र तिवारी के देवघर स्थित होटल सिद्धार्थ के सामने स्थित गोदाम, बोम्पास टाउन स्थित डॉ. राजीव पांडेय अस्पताल के पास स्थित आवास, हरमू हाउसिंग कालोनी के डी-2 स्थित मेसर्स संथाल परगना बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड व जामताड़ा के दो ठिकाने भी शामिल थे।

    दूसरी मंजिल पर भी है ठिकाना

    जामताड़ा के मिहिजाम में स्टेशन रोड स्थित आवास के अलावा वहीं पर SBI बिल्डिंग के दूसरी मंजिल पर भी योगेंद्र तिवारी का ठिकाना है।

    ईडी को सभी ठिकानों से जमीन, बालू व शराब के धंधे से संबंधित कई महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं, जिसके आधार पर ही तिवारी को शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

    इसलिए ईडी के हाथ नहीं लगी नकदी

    ईडी सूत्रों की मानें तो योगेंद्र तिवारी पहले ही सतर्क हो गया था, यही वजह है कि ईडी के हाथ नकदी नहीं लगे। गत वर्ष प्रेम प्रकाश की गिरफ्तारी व उसके ठिकाने पर छापेमारी के दौरान ही शराब के धंधे का बड़ा लिंक मिला था।

    वह लिंक सीधे योगेंद्र तिवारी तक पहुंचा था। उसके बाद से ही योगेंद्र तिवारी सतर्क हो गया था, क्योंकि उसे पता चल गया था कि आज नहीं तो कल ईडी

    उस तक पहुंचेगी जरूर। उसने उसी समय से निजी जासूसों के माध्यम से ईडी के अधिकारियों की जासूसी शुरू करवा दी थी।

    ईडी की जांच में भी इसका खुलासा हो चुका है। ईडी सभी बिंदुओं पर योगेंद्र तिवारी से प्रारंभिक पूछताछ की है, कागजात आने के बाद विस्तृत पूछताछ करेगी।

    पिता की बीमारी का दिया है हवाला

    ईडी की पूछताछ में शामिल होने के लिए योगेंद्र तिवारी के भाई अमरेंद्र तिवारी को भी आना था। अमरेंद्र तिवारी ने ईडी से पत्राचार कर अपने पिता रामेश्वर तिवारी की बीमारी का हवाला दिया है और ईडी से समय की मांग की है।

    अमरेंद्र तिवारी का धनबाद के बेकारबांध के कौशिकी राधिका रीजेंसी अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 402 है, जहां ईडी ने छापेमारी की थी। अब ईडी अमरेंद्र के आवेदन पर विचार के बाद दूसरा समन जारी करेगी।

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