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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ranchi: आजाद भारत में आज भी पानी को तरस रहे झारखंड के कई गांव, भीषण गर्मी के बीच मचा हुआ है हाहाकार

    By Jagran NewsEdited By: Narender Sanwariya
    Updated: Fri, 02 Jun 2023 05:30 AM (IST)

    आजादी के 75 साल बाद भी माल्हन पंचायत के कई गांव के ग्रामीणों को पीने का पानी नहीं मिलता। पंचायत मुखिया जतरू कुमार मुंडा कहते हैं कि विभाग को उन्होंने ...और पढ़ें

    Ranchi: आजाद भारत में आज भी पानी को तरस रहे झारखंड के कई गांव
    Ranchi: आजाद भारत में आज भी पानी को तरस रहे झारखंड के कई गांव

    चंदवा (लातेहार), दीपक भगत। सरकार और प्रशासन विकास के लाख दावे कर ले मगर जमीनी हकीकत कुछ और है। इसका प्रमाण है कि आजादी के 75 साल बाद भी माल्हन पंचायत के कई गांवो के ग्रामीणों की प्यास दाड़ीचुआं से बुझती है। माल्हन पंचायत के टटबिनुआ, तेतरगढ़ा, दालचुवां, धेंगराटांड़, जावाखांड, गुड़गुडी, मुड़ादोहर आदि गांवो में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

    टटबिनुआं के दिनेश गंझू लालमन गंझू, सुरेश मलार, गायत्री देवी, जयंती देवी, जिरमानती देवी मनिता देवी, कंचन देवी, संजू देवी, मानेश्वर मलार, डब्लू गंझू, टुनू गंझू, कुंदा मलार, पंचम गंझू, दशरथ गंझू रवींद्र गंझू, रघु गंझू समेत अन्य ग्रामीणों की मानें तो गांव में 1,500 से 2,000 की जनसंख्या है। इस गांव में एक कुआं है जो सूख चुका है।

    विभाग द्वारा किसी तरह की सार्थक पहल नहीं किए जाने के बाद ग्रामीणों ने पास के नाला के समीप एक दाड़ीचुआं का निर्माण किया है। अहले सुबह ही गांव की महिलाएं और पुरूष पानी की जुगाड़ के लिए निकल पड़ते हैं। दाड़ी से पानी निकालते हैं। दाड़ी का पानी सूख जाने के बाद कई लोग दाड़ी में पानी जमा होने का इंजतार करते हैं। ऐसे में पानी की समस्या से निजात के लिए गांव-गांव नल जल योजना के तहत बोरिंग कर लोगों तक पानी सर्वसुलभ कराने का प्रयास यहां लोगों को चिढ़ाता नजर आता है।

    ग्रामीणों ने श्रमदान कर बोरिंग गाड़ी के आने के लिए बनाया है रास्ता

    पेयजल, सड़क की कमी के साथ अन्य समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीणों ने विभाग द्वारा मिले आश्वासन के बाद श्रमदान कर बोरिंग गाड़ी के आने के लिए पथ का निर्माण किया है मगर उनकी यह आस कब पूरी होगी की सोच के साथ वो विभाग को निहार रहे हैं।

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    कहते हैं मुखिया

    पंचायत मुखिया जतरू कुमार मुंडा कहते हैं कि विभाग को उन्होंने कई बार कहा है। आश्वासन मिला है कि बहुत जल्द समस्या का समाधान कर दिया जाएगा लेकिन सार्थक पहल नहीं किए जाने के कारण समस्या यथावत बनी हुई है।

    कहते हैं जेई

    पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जेई सुनील कुमार कहते हैं कि समस्या की जानकारी मिली है। पहल आरंभ कर दी गई है। बहुत जल्द ग्रामीणों की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।