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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ranchi News: रांची वालों की बल्ले-बल्ले, इस जगह जल्द आरंभ होगी बिजली उत्पादन इकाई, अधिकारी ने दी खुशखबरी

    Updated: Sat, 11 Jan 2025 06:00 AM (IST)

    Ranchi News रांची के पतरातू विद्युत उत्पादन संयंत्र को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है। दरअसल इसकी पहली इकाई से जल्द ही उत्पादन शुरू होगा। इसके लिए पतरा ...और पढ़ें

    पतरातू विद्युत इकाई जल्द होगी आरंभ (जागरण)
    पतरातू विद्युत इकाई जल्द होगी आरंभ (जागरण)

    HighLights

    1. सड़क परियोजनाओं के निर्माण में दो करोड़ मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का उपयोग
    2. पतरातू विद्युत इकाई से निकलने वाले राख के प्रबंधन के लिए ऐश यूजर मीट

    राज्य ब्यूरो, रांची। Ranchi News: रांची के पतरातू स्थिति विद्युत उत्पादन संयंत्र की पहली इकाई से उत्पादन शीघ्र आरंभ होगा। इकाई से निकलने वाले राख के बेहतर प्रबंधन के लिए शुक्रवार को पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने अपना पहला ऐश यूजर मीट आयोजित किया, जिसमें फ्लाई ऐश के नवाचार और स्थायी उपयोग पर जोर दिया गया।

    इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भवन निर्माण विभाग के सचिव अरवा राजकमल और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी एनएल येओतकर उपस्थित थे।

    दोनों ने कार्यक्रम में फ्लाई ऐश के किफायती और बहुपयोगी पुन: उपयोग को रेखांकित करते हुए बताया कि झारखंड में एनएचएआइ की परियोजनाओं के तहत 720 किमी हाइवे के निर्माण में दो करोड़ मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का उपयोग किया गया है।

    100 प्रतिशत पर्यावरण अनुकूल ऐश उपयोग के प्रति जताई प्रतिबद्धता

    पीवीयूएनएल के सीईओ आरके सिंह ने 100 प्रतिशत पर्यावरण अनुकूल ऐश उपयोग के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई। सत्र के दौरान ऐश उपयोग को अनुकूलित करने पर चर्चा की गई।

    इसका मुख्य फोकस स्वचालित फ्लाई ऐश ईंट और बैगिंग प्लांट स्थापित करना था, जो राजस्व का स्त्रोत विकसित करने और बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता करेगा। कार्यक्रम में फ्लाई ऐश आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी "विकल्प" को प्रदर्शित किया गया।

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    इसके साथ ही बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों और किसानों के लिए सत्र आयोजित किए गए, जिसमें कृषि में फ्लाई ऐश के उपयोग पर चर्चा हुई। आरके सिंह ने सभी हितधारकों से अधिकतम ऐश उपयोग और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का आह्वान किया।

    बता दें कि पतरातू झारखंड राज्य में स्थित एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जो अपने विभिन्न उद्योगों और परियोजनाओं के लिए प्रसिद्ध है। 

    पतरातू किस लिए प्रसिद्ध है? 

    कोयला खनन: पतरातू कोयला खनन के लिए भी प्रसिद्ध है, जो झारखंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान करता है।

    उद्योगों का केंद्र: पतरातू में विभिन्न उद्योगों की स्थापना हुई है, जिनमें सीमेंट, इस्पात, और रसायन उद्योग प्रमुख हैं।

    रोजगार के अवसर: पतरातू में विभिन्न उद्योगों और परियोजनाओं के कारण रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जो स्थानीय लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।

    पतरातू डैम: झारखंड राज्य में स्थित एक प्रमुख जलाशय है, जो पतरातू नदी पर बनाया गया है। यह डैम रामगढ़ जिले में स्थित है और इसका निर्माण 1958 में पूरा हुआ था। यहां लोगों की काफी भीड़ लगी होती है।

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