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रांची में 8-10 घंटे तक कट रही बिजली, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हेमंत सरकार को घेरा

Published: Sat, 23 May 2026 07:33 AM (IST)

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची में बढ़ते बिजली संकट और राज्य सरकार की अक्षमता पर सवाल उठाए हैं।

सांकेतिक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी रांची में बढ़ते बिजली संकट को लेकर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को अपने केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शहर में लगातार बिजली कटौती हो रही है और आम जनता परेशान है।

लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि राजधानी में आठ से दस घंटे तक बिजली कट रही है, जबकि शिकायत दर्ज कराने के लिए भी कोई सशक्त तंत्र विकसित नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। रोज अखबारों में बिजली संकट की खबरें प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन हालात में सुधार नहीं दिख रहा। राजधानी में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं रही। उन्होंने कहा कि शासन को जनता को बताना चाहिए कि बिजली संकट दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

राज्य की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झारखंड में कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर भी अपेक्षित गति से काम नहीं हो रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दो-दो और तीन-तीन महीने तक वेतन नहीं मिल रहा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, ताकि जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत करीब 2490 करोड़ रुपये की लागत से पांच बड़ी योजनाओं को वर्ष 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक योजनाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। इसके कारण सिर्फ रांची जिले के 66 हजार से अधिक घर प्रभावित हैं, जबकि पूरे राज्य में लगभग सात लाख घरों पर इसका असर पड़ रहा है।

उन्होंने कोरोना काल के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई 18 करोड़ रुपये की सहायता का भी जिक्र किया। कहा कि यह योजना वर्ष 2022 तक पूरी हो जानी थी, लेकिन अब तक कार्य अधूरा है।

केंद्रीय मंत्री ने पुलिस विभाग में हुए ट्रेजरी घोटाले का भी उल्लेख किया और कहा कि इसकी जांच चल रही है। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा करने की मांग की। साथ ही कहा कि विभिन्न विभागों में अधिकारी, डॉक्टर, शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन लंबित है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

बरसात से पहले राजधानी के खुले नालों को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर वर्ष खुले नालों के कारण हादसे होते हैं और कई लोगों की जान जाती है। इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए उन्होंने मांग की कि अगले 15 दिनों के भीतर शहर के बड़े और छोटे नालों की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए तथा उन्हें सुरक्षित तरीके से ढंका जाए, ताकि बरसात में किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

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