रांची के पार्कों और अस्पतालों में नशेड़ियों का खतरा, इस नंबर पर दें सूचना; 10 मिनट में पुलिस करेगी कार्रवाई
रांची के पार्कों, मैदानों और अस्पतालों में नशेड़ियों का जमावड़ा स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, ...और पढ़ें

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HighLights
नशेड़ियों के जमावड़े से रांची के सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ रही परेशानी।
पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया।
जागरण संवाददाता, रांची। शहर के पार्कों,मैदानों, रिम्स और सदर अस्पताल परिसर में नशेड़ियों का जमावड़ा स्थानीय लोगों और मरीजों के स्वजनों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। दोपहर से लेकर देर रात तक कई स्थानों पर अड्डेबाजी होती है।
नशे की हालत में कुछ युवक बाइक चोरी और मोबाइल छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, वहीं मारपीट की घटनाएं भी सामने आती हैं। स्वामी विवेकानंद पार्क, डीआइजी मैदान, अरगोड़ा स्थित निगम पार्क और मोरहाबादी मैदान में ऐसे जमावड़े की शिकायतें मिलती रहती हैं। रिम्स परिसर से भी आए दिन बाइक चोरी की घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है।
हाल के दिनों में लोअर बाजार थाना की पुलिस ने बाइक चोरी के मामलों में छह आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें नामकुम निवासी इरफान अंसारी, बेड़ो निवासी मो. कैश आलम, मोसिन राय, इमरान आलम उर्फ भालो, मो जफरुल्ला और सिसई (गुमला) निवासी सैफ अंसारी उर्फ राज शामिल हैं।
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है। खासकर अस्पताल परिसरों में मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की आशंका बनी रहती है।
पुलिस को भेजें लोकेशन, संदिग्ध गतिविधि की दें सूचना
रांची पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर 9153886238 जारी किया था। इस नंबर पर संबंधित स्थान की करंट लोकेशन भेजकर पुलिस को जानकारी दी जा सकती है।
दुर्गा पूजा के दौरान लोगों ने इस नंबर पर लोकेशन भेजी थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की थी। किसी पार्क, अस्पताल परिसर या सुनसान जगह पर नशे में हंगामा, मारपीट या चोरी की आशंका दिखे तो लोग चुप रहने के बजाय पुलिस को सूचना दें। हालांकि, मौके पर जाकर संदिग्धों से भिड़ने या खुद कार्रवाई करने से बचें।
जागरूक नागरिकों से कम हो सकता है जमावड़ा
पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने में पुलिस के साथ आम लोगों की भूमिका भी अहम है। पार्क में घूमने वाले लोग, अस्पताल के कर्मचारी, मरीजों के परिजन और आसपास के दुकानदार संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखें। बाइक पार्क करते समय हैंडल लाक करें और संभव हो तो सुरक्षित पार्किंग का इस्तेमाल करें। मोबाइल और पर्स को खुले में न रखें।
अस्पताल में वाहन खड़ा करते समय सुनसान जगह से बचें। यदि किसी स्थान पर रोजाना नशेड़ियों का जमावड़ा लगता है, तो लोग समय और स्थान की जानकारी के साथ पुलिस को सूचना दें। बार बार मिलने वाली शिकायतों से पुलिस को संवेदनशील जगहों की पहचान कर गश्त और निगरानी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
आपात स्थिति में मारपीट या हिंसा का खतरा हो तो सुरक्षित दूरी बनाकर पुलिस को सूचना दें। नागरिकों की सतर्कता और समय पर मिली सूचना से सार्वजनिक जगहों पर अड्डेबाजी रोकने और चोरी मारपीट की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
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