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    सोनम वांगचुक ने साफ की तस्वीर, जारी है देवेंद्र महतो का अनशन; CJP का प्रतिनिधिमंडल जल्द पहुंचेगा रांची

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:22 PM (IST)

    Ranchi protest: सोनम वांगचुक के स्पष्टीकरण से रांची में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर विराम लग गया है। भूख हड़त ...और पढ़ें

    HighLights

    1. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन अभी भी जारी है।

    2. सोनम वांगचुक की अपील पर केवल जल-नमक ग्रहण किया।

    3. सरकार की लिखित स्वीकृति तक अनशन जारी रखने का संकल्प।

    राज्य ब्यराे, रांची। प्रख्यात इनोवेटर व शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद रांची के मोरहाबादी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर पूरी तरह विराम लग गया है।

    जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली व पेपर लीक के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य और आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि उन्होंने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर ली है।

    सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से विशेष आग्रह कर केवल जल और नमक ग्रहण करने के लिए राजी किया है, ताकि उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। पिछले 5 दिनों से महतो का भूख हड़ताल लगातार जारी है। 13 दिन से छात्र आंदोलनरत हैं। सरकार को सभी मांगें माननी चाहिए।

    यह साफ कर दिया गया है कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं करती, तब तक उनका अन्न का त्याग और अनशन लगातार जारी रहेगा। इस बीच, आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर धार देने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके भी जल्द रांची पहुंचने वाले हैं।

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    सोनम वांगचुक का स्पष्टीकरण: अनशन अब भी जारी

    प्सोनम वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन पिछले कई दिनों से लगातार और दृढ़ता के साथ जारी है।

    उन्होंने देश और राज्यभर के युवाओं से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें जो आंदोलन को कमजोर करने के लिए फैलाई जा रही हैं। सरकार को छात्रों की इन जायज और तार्किक मांगों पर जल्द से जल्द गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए।

    जल ग्रहण करने के पीछे की सच्चाई

    इससे पहले देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी मांगों के समर्थन में अन्न के साथ-साथ जल का भी पूरी तरह त्याग कर दिया था। लगातार कई दिनों तक पानी की एक बूंद भी न लेने के कारण उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ने लगा था और डॉक्टरों ने गंभीर चेतावनी दी थी।

    स्थिति को गंभीर और आत्महत्या के समान मानते हुए प्रख्यात एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने उनसे वीडियो कॉल के जरिए विशेष आग्रह किया था। सोनम वांगचुक के समझाने और उनके स्वास्थ्य की नाजुक स्थिति को देखते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने केवल जल और नमक ग्रहण करना स्वीकार किया है।

    हालांकि, यह स्पष्ट कर दिया गया है कि उन्होंने केवल जल ग्रहण शुरू किया है, लेकिन उनका अन्न का त्याग और अनशन तब तक लगातार जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं कर लेती।

    CJP का समर्थन और रांची दौरा

    इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती देने के लिए अब देश के अन्य हिस्सों से भी समर्थन मिलने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी और जंतर-मंतर के आंदोलनों से जुड़े प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वे जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ रांची पहुंचेंगे।

    अभिजीत दीपके ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि, "मैं खुद रांची आऊंगा और झारखंड के छात्रों तथा युवाओं के दबे हुए मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरजोर तरीके से उठाऊंगा।" वहीं सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रंका ने भी सीएम हेमंत सोरेन से छात्रों की सभी मांगें शीघ्र मानने की अपील की है। 

    राजनीतिक दलों से दूरी और छात्रों का संकल्प

    इस पूरे आंदोलन को लेकर छात्र संगठनों और प्रतिनिधियों ने अपनी नीति बिल्कुल साफ कर दी है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से गैर-राजनीतिक रहना है।

    आंदोलनकारियों ने यह घोषणा की है कि इस छात्र संघर्ष में किसी भी राजनीतिक दल या नेता को मंच साझा करने या समर्थन के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह पूरी लड़ाई केवल और केवल युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और रोजगार के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए लड़ी जा रही है।

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