आंखों में सपने, हाथों में किताबें और रहने को सड़क... बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद रांची में डटी हैं संघर्षरत बेटियां
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद, छात्र भविष्य की लड़ाई ...और पढ़ें

धरना स्थल ही बना ठिकाना: भोजन, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे आंदोलनकारी।
HighLights
रांची में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी।
आंदोलन स्थल पर भोजन, पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी।
दिल्ली के सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद जुनैद ने छात्रों का समर्थन किया।
जयंती कच्छप जागरण, रांची। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अभ्यर्थी अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन आंदोलन के दौरान उन्हें भोजन, पानी, रहने की व्यवस्था और सबसे बढ़कर शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
राज्य के अलग-अलग जिलों से आए छात्र-छात्राओं के लिए फिलहाल धरना स्थल ही उनका अस्थायी ठिकाना बन गया है। कई छात्राएं कई दिनों से रांची में हैं, लेकिन उनके पास रहने की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है।
इसके बावजूद आंदोलन स्थल पर उनकी मौजूदगी लगातार बनी हुई है। किसी के हाथ में प्रतियोगी परीक्षा की किताब है तो किसी के मन में नौकरी और भविष्य को लेकर चिंता। तमाम कठिनाइयों के बावजूद छात्र अपनी मांगों पर अडिग हैं।
चार दिन से अनशन पर बैठीं सबिता, बोलीं- न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा
रांची की अभ्यर्थी सबिता कुमारी पिछले चार दिनों से अनशन पर बैठी हैं। लगातार आंदोलन में शामिल रहने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उनका कहना है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा, मैं पिछले चार दिनों से अनशन पर हूं। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक छात्र आंदोलन जारी रहेगा। यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि हमारे भविष्य का सवाल है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
छात्राओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी शौचालय और रहने की व्यवस्था
रामगढ़ की सोनाली कुमारी नौ दिन पहले आंदोलन में शामिल होने के लिए रांची पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन स्थल पर रहने की कोई पक्की व्यवस्था नहीं है। खासकर छात्राओं के लिए शौचालय सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है।
उन्होंने कहा, यहां रहने का कोई ठिकाना नहीं है। शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए भी काफी परेशानी होती है। वहीं, कई दिनों से घर से दूर आंदोलन में शामिल साक्षी का कहना है कि अब सुविधाओं से ज्यादा प्राथमिकता अपनी मांगों को लेकर संघर्ष की है।
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वर्षों की मेहनत का मिले अधिकार : कविता
रामगढ़ की कविता कुमारी जेएसएससी और जेपीएससी दोनों परीक्षाओं में शामिल हो चुकी हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के कारण योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि जिस परीक्षा की तैयारी में वर्षों लगाए हैं, वह पूरी तरह पारदर्शी हो। मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिलना चाहिए।
माता-पिता ने कहा- अपनी लड़ाई खुद लड़ो
रामगढ़ की राजी राज की कहानी अन्य छात्रों से कुछ अलग है। उन्होंने बताया कि आंदोलन में शामिल होने के लिए उन्हें उनके माता-पिता ने ही प्रेरित किया। राजी ने कहा, माता-पिता ने खुद मुझे आंदोलन में शामिल होने के लिए भेजा।
उन्होंने कहा कि अगर भविष्य ही खराब हो जाएगा तो पढ़ाई का क्या मतलब। अपनी लड़ाई खुद लड़ो। माता-पिता का यही भरोसा उनके लिए सबसे बड़ा हौसला बना और वह रामगढ़ से रांची पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुईं।
कई जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में हजारीबाग, गिरिडीह, पलामू, चतरा, रामगढ़, गढ़वा समेत राज्य के कई जिलों से छात्र-छात्राएं पहुंचे हैं। कई अभ्यर्थी कई दिनों से अपने घरों से दूर रहकर आंदोलन में शामिल हैं। लंबे समय तक धरना स्थल पर रहने के कारण उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है।
यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है। हमारी मांग है कि जेपीएससी पीटी परीक्षा रद्द की जाए और जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराई जाए।
-सचिन कुमार, गिरिडीह
परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। अभ्यर्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और जरूरत पड़े तो परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जाए।
-राहुल कुमार, गिरिडीह

रांची पहुंचे मोहम्मद जुनैद, आंदोलनरत छात्रों का किया समर्थन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों को भोजन और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद जुनैद (जुनैद मलिक) शुक्रवार को रांची पहुंचे।
उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पहुंचकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका हौसला बढ़ाया।
जुनैद ने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने वाले युवाओं के साथ समाज को खड़ा होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। उनके आगमन से आंदोलनरत छात्रों का उत्साह बढ़ा।