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    झारखंड में शहीद जवानों के बच्चों के लिए बड़ी पहल, रांची में खुलेगा मुफ्त आवासीय स्कूल

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 10:06 AM (IST)

    राज्य सरकार माओवादी घटनाओं में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए रांची में एक आवासीय विद्यालय खोलेगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने यह निर ...और पढ़ें

    माओवादी बलिदानियों के बच्चों के लिए रांची में खुलेगा आवासीय विद्यालय।

    माओवादी बलिदानियों के बच्चों के लिए रांची में खुलेगा आवासीय विद्यालय।

    HighLights

    1. बलिदानियों के बच्चों हेतु रांची में खुलेगा आवासीय विद्यालय।

    2. नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास और भोजन की सुविधा।

    3. नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय की तर्ज पर।

    नीरज अम्बष्ठ, रांची। राज्य सरकार माओवादी घटनाओं में बलिदान हुए पुलिस जवानों के आश्रित बच्चों की शिक्षा के लिए आवासीय विद्यालय की स्थापना करेगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने यह निर्णय किया है। इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

    बलिदानियों के बच्चों को निश्शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। यह आवासीय विद्यालय राजधानी रांची में खुल सकता है। यह राज्य सरकार की विशेष पहल होगी।

    इस आवासीय विद्यालय में बच्चों के रहने से लेकर उनके खाने-पीने व शिक्षा की निश्शुल्क सुविधा उपलब्ध होगी। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसे लेकर उन्हें निजी स्कूलों की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उनहें विभाग की अन्य योजनाओं का भी लाभ मिलेगा।

    बच्चों को अच्छी शिक्षा से लेकर वैल्यू बेस्ड लर्निंग के साथ निश्शुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस विद्यालय में 12वीं तक के बच्चों की पढ़ाई होगी।

    एक जानकारी के अनुसार, राज्य गठन से लेकर अबतक राज्य को माओवादियों के आतंक से मुक्त कराने के दौरान 555 जवानों ने अपना बलिदान दिया है। इनमें राज्य पुलिस बल के 408 तथा केंद्रीय पुलिस बल के 147 जवान-अधिकारी सम्मिलित हैं।

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय की तर्ज पर खुलेगा विद्यालय

    बलिदानियों के आश्रितों के लिए विशेष आवासीय विद्यालय राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय की तर्ज पर खुलेगा। वर्तमान में राज्य के 20 जिलों में कुल 26 ऐसे आवासीय विद्यालय संचालित हैं।

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    इनमें मानव तस्करी से मुक्त कराए गए बच्चे, माओवादी घटनाओं में पीड़ित परिवारों के बच्चों, अनाथों आदि को निश्शुल्क शिक्षा दी जाती है। राज्य सरकार ने इन विद्यालयों को 12वीं तक अपग्रेड किया है। बलिदानी पुलिस जवानों के आश्रितों के लिए राज्य में पहला आवासीय विद्यालय खुलेगा।

    पांच नए झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय खुलेंगे

    राज्य सरकार पांच प्रखंडों में नए झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की भी स्थापना करेगी। राज्य में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर 53 झारखंड आवासीय विद्यालय पहले से संचालित हैं। जिन प्रखंडों में इन दोनों श्रेणी के आवासीय विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां ये विद्यालय खोले जाएंगे।

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