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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पीएचडी प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी पर Ranchi University ने दी ये सफाई, छात्रों ने जमकर किया था हंगामा

    By sanjay krishna Edited By: Aysha Sheikh
    Updated: Tue, 02 Jan 2024 09:34 AM (IST)

    अब जाकर पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर रांची विवि ने सफाई दी है। प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत और छात्रों ने जमकर हंगामा किया था। परीक्षा नियंत् ...और पढ़ें

    पीएचडी प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी पर Ranchi University ने दी ये सफाई, छात्रों ने जमकर किया था हंगामा
    पीएचडी प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी पर Ranchi University ने दी ये सफाई, छात्रों ने जमकर किया था हंगामा

    जागरण संवाददाता, रांची। पीएच डी प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत और छात्रों के हंगामें, तालाबंदी के बाद सोमवार को रांची विवि ने सफाई पेश की है। परीक्षा नियंत्रक की ओर से विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2023 के मूल्यांकन एवं परीक्षाफल प्रकाशन का सारा दायित्व रांची विश्वविद्यालय की गोपनीय शाखा द्वारा संपादित किया गया है।

    इसके संचालन एवं परीक्षाफल प्रकाशन में एनसीसीएफ की कोई भूमिका नहीं है न किसी भी प्रकार का सहयोग लिया गया है। प्रवेश परीक्षाफल से संबंधित कोई भी जानकारी परीक्षा शाखा, रांची विश्वविद्यालय ही देगा। वही इसके प्रति जवाबदेह है।

    क्या है मामला?

    रांची विवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 633 सीटों के लिए 204 अभ्यर्थी ही सफल हो पाए थे। गत महीने 24 दिसंबर को 22 विषयों के लिए कुल 633 सीटों पर प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। चार दिन बाद ही परीक्षा परिणाम आ गया।

    2016 के बाद रांची विवि ने 22 विषयों में पीएचडी नामांकन के लिए परीक्षा ली थी। कुछ विषयों में एक भी छात्र पास नहीं हो पाए थे। बांग्ला विषय में एक भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ। सोशियोलाजी में 30 सीटों के लिए मात्र एक अभ्यर्थी ही योग्य मिला।

    इस तरह की विसंगितयों को लेकर छात्र हंगामा कर रहे थे। पीएचडी प्रवेश परीक्षा परिणाम के प्रकाशन में गड़बड़ी एवं परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए एफसीसी के आफिस में तालाबंदी कर रखी थी। इसको लेकर सोमवार को रांची विवि ने अपनी सफाई दी।

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