रांची में साइबर ठगी का नया खेल! ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर ढूंढना पड़ा महंगा... महिला के खाते से उड़ाए 8.27 लाख
वॉशिंग मशीन के कस्टमर केयर नंबर की ऑनलाइन तलाश रांची की नीलम कुमारी को महंगी पड़ी, जब साइबर अपराधियों ने ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
वॉशिंग मशीन कस्टमर केयर नंबर तलाशना पड़ा महंगा।
साइबर ठगों ने महिला के खाते से 8.27 लाख उड़ाए।
जागरण संवाददाता, रांची। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए रोजमर्रा की जरूरतों का भी सहारा लेने लगे हैं। कभी बैंक अधिकारी, तो कभी सरकारी कर्मचारी बनकर ठगी करने वाले अपराधियों ने अब एक नया तरीका अपनाया है।
ऑनलाइन मदद या सर्विस की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाकर साइबर अपराधी पहले भरोसा जीतते हैं और फिर खाते पर हाथ साफ कर देते हैं। रांची में सामने आए एक ऐसे ही मामले में महिला के साथ लाखों रुपये की ठगी हुई है।
वॉशिंग मशीन का कस्टमर केयर नंबर ऑनलाइन तलाशना हटिया निवासी नीलम कुमारी को महंगा पड़ गया। साइबर अपराधियों ने कस्टमर केयर कर्मी और तकनीशियन बनकर महिला से संपर्क किया और उनके बैंक खाते से 8.27 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामले में अपर हटिया निवासी नीलम कुमारी ने साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
10 रुपये के भुगतान के बहाने शुरू हुआ खेल
पीड़िता के अनुसार, 29 जुलाई को उन्होंने गूगल पर वॉशिंग मशीन का कस्टमर केयर नंबर तलाशा। वहां मिले एक नंबर पर संपर्क करने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए 10 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। राशि का भुगतान नहीं होने पर फोन करने वाले ने खुद ही शिकायत दर्ज कराने की बात कही।
अगले दिन एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को कंपनी का तकनीशियन बताया और मशीन देखने के लिए अगले दिन आने का आश्वासन दिया। 31 जुलाई को दोबारा संपर्क करने के बावजूद वह नहीं पहुंचा। इसके बाद नीलम ने दूसरे कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई और मशीन ठीक कराई।
यूपीआई से भुगतान करने के लिए खाता खोला तो हुआ खुलासा
नीलम के अनुसार, पांच अगस्त को जब उन्होंने यूपीआई से भुगतान करने के लिए अपना बैंक खाता खोला तो खाते में महज 91.22 रुपये का शेष दिखाई दिया। संदेह होने पर वह बैंक पहुंचीं। बैंक से जानकारी मिली कि उनके खाते से साइबर ठगी कर अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से 8.27 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं।
मामले की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद साइबर अपराध थाना पुलिस बैंक खातों, लेनदेन और आरोपितों के मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
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