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    76/100 स्कोर के साथ रांची रेड जोन में: क्लाइमेट चेंज ने बदली शहर की सूरत, 2026 की गर्मी तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 11:35 AM (GMT+05:30)

    रांची का मौसम तेजी से बदल रहा है, 2026 में क्लाइमेट चेंज सीवियरिटी स्कोर 76/100 दर्ज किया गया है, जो 45.1% की गिरावट दर्शाता है। आने वाले दिनों में ता ...और पढ़ें

    रांची में बढ़ेगा तापमान, 2026 में 40 पार जाएगा पारा। रात में भी राहत बहुत ज्यादा नहीं होने वाला।

    रांची में बढ़ेगा तापमान, 2026 में 40 पार जाएगा पारा। रात में भी राहत बहुत ज्यादा नहीं होने वाला।

    HighLights

    1. 2026 में रांची का क्लाइमेट स्कोर 45.1% बिगड़ा।

    2. तापमान अप्रैल अंत तक 40 डिग्री सेल्सियस पार कर सकता है।

    3. शहरीकरण और हरित क्षेत्र की कमी मुख्य कारण।

    जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी रांची का मौसम तेजी से बदल रहा है और वर्ष 2026 के आंकड़े इस बदलाव को और गंभीर रूप में सामने ला रहे हैं। हालिया जलवायु विश्लेषण के अनुसार शहर अब हाई-रिस्क हीट जोन की ओर बढ़ रहा है, जहां आने वाली गर्मियां पहले से अधिक खतरनाक हो सकती हैं।

    सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि 2026 में रांची का क्लाइमेट चेंज सीवियरिटी स्कोर 76/100 दर्ज किया गया है, जो पिछले 16 वर्षों की तुलना में 45.1 प्रतिशत अधिक खराब स्थिति को दर्शाता है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में रांची सहित झारखंड के अधिकांश हिस्सों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। फिलहाल अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

    लेकिन महीने के अंत तक इसके 38 से 39 डिग्री तक पहुंचने के संकेत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी सामान्य नहीं, बल्कि खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है।

    तापमान का ट्रेंड: तेजी से उछाल

    2026 की शुरुआत से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। फरवरी और मार्च के दौरान अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। मार्च 2026 में औसत अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि कई दिनों तक तापमान 32 डिग्री से ऊपर बना रहा।

    न्यूनतम तापमान में गिरावट और दिन में तेज गर्मी के कारण दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर देखा जा रहा है, जो जलवायु अस्थिरता का संकेत माना जा रहा है।

    इस गर्मी के संभावित हालात

    विश्लेषण के अनुसार अप्रैल के अंत से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। मई-जून में हीटवेव जैसी स्थिति बनने की आशंका है, जब तापमान 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

    रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को राहत कम मिलेगी। राज्य के कई हिस्सों में तापमान पहले ही सामान्य से 5 से 6 डिग्री अधिक दर्ज किया जा चुका है, जो आने वाले दिनों के लिए चेतावनी संकेत है।

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    लंबे समय का खतरनाक ट्रेंड

    पिछले 35 वर्षों में रांची में कुल 590 हीटवेव दिन दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1990 के बाद 431 दिन (करीब 73 प्रतिशत) हीटवेव के रहे हैं। वर्ष 2024 में ही 21 दिन हीटवेव दर्ज की गई थी। मई महीना सबसे अधिक प्रभावित रहा है, जिसमें अकेले 275 हीटवेव दिन दर्ज किए गए।

    ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि रांची में गर्मी अब अपवाद नहीं, बल्कि नई सामान्य स्थिति बनती जा रही है।

    शहरीकरण बना बड़ा कारण

    विशेषज्ञों के अनुसार रांची में बढ़ते तापमान के पीछे तेजी से हुआ शहरीकरण प्रमुख कारण है। 1975 से 2010 के बीच शहर का बिल्ट-अप एरिया लगभग 180 प्रतिशत बढ़ा, जबकि आबादी में 223 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

    इसके विपरीत हरित क्षेत्र में लगातार कमी आई है, जिससे प्राकृतिक ठंडक घट गई है। परिणामस्वरूप रांची अब अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव की चपेट में है। जहां शहर का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रहा है।

    स्वास्थ्य और जनजीवन पर असर

    2026 की भीषण गर्मी का असर सीधे आम लोगों पर पड़ेगा। हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में वृद्धि हो सकती है। मजदूर, रिक्शा चालक और डिलीवरी कर्मी सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

    इसके अलावा बिजली की मांग में तेज उछाल से पावर कट की स्थिति बन सकती है, जबकि पानी की कमी के कारण टैंकरों पर निर्भरता बढ़ने की आशंका है।

    फिलहाल मौसम से राहत, लेकिन खतरा बरकरार

    पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा और कई हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।

    रांची में अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17.4 डिग्री रहा। जमशेदपुर में अधिकतम 34.8 और न्यूनतम 20.8 डिग्री, डाल्टनगंज में अधिकतम 35.0 और न्यूनतम 17.5 डिग्री दर्ज किया गया।

    बोकारो में अधिकतम 35.1 और न्यूनतम 17.2 डिग्री, जबकि चाईबासा में अधिकतम 35.0 और न्यूनतम 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ।

    सरायकेला सबसे गर्म रहा, गुमला न्यूनतम

    राज्य में सबसे अधिक तापमान सरायकेला में 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 12.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री नीचे है, लेकिन मौसम साफ होते ही इसमें तेजी से वृद्धि होने की संभावना है।यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो रांची में गर्मी आने वाले वर्षों में और भयावह रूप ले सकती है।

    रांची शहर का मौसम पहले की तरह नहीं रहा। अब लगातार तापमान में बढोत्तरी देखी जा रही है। एक सप्ताह के अंदर तापमान में छह डिग्री तक बढोत्तरी होगी। तेजी से घट रहे जंगल और विकास की वजह से लागातर मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

    -अभिषेक आंनद, वरीय वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र रांची