रिम्स में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, नए डॉक्टरों की नियुक्ति से इलाज के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार
रिम्स रांची में स्वास्थ्य मंत्री ने 15 विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपे और 5 आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का उद्घाटन किया। इससे मरीजों को बेहतर इलाज ...और पढ़ें

रिम्स अस्पताल रांची। फाइल फोटो
HighLights
15 विशेषज्ञ डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
पांच आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन हुआ।
रिम्स-2 का निर्माण तीन वर्षों में पूरा होगा।
जागरण संवाददाता, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पांच आधुनिक स्वास्थ्य एवं डिजिटल सुविधाओं का उद्घाटन किया और करीब आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा तीन क्लिनिकल ट्यूटरों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
लंबे समय से विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी से जूझ रहे रिम्स के लिए इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य रिम्स को देश के अग्रणी सरकारी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में लाना है।
उन्होंने घोषणा की कि प्रस्तावित रिम्स-2 का निर्माण अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उनके अनुसार यह परियोजना झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई पहचान देगी।
उन्होंने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में राज्य के सभी नर्सिंग कालेजों के होनहार छात्राओं को स्किल डेवलपमेंट के लिए जार्जिया भेजा जाएगा।
आठ वर्ष बाद विशेषज्ञ डाक्टर मिलने से बढ़ेगी इलाज की क्षमता
रिम्स में नियुक्त किए गए विशेषज्ञ चिकित्सकों में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के दो, मनोरोग विभाग के एक, सर्जरी के दो, पीडियाट्रिक सर्जरी के एक, आर्थो ट्रामा के एक, ट्रामा एनेस्थीसिया के दो, मेडिसिन के दो, नेफ्रोलाजी के एक, त्वचा रोग विभाग के एक तथा पैथोलाजी विभाग के दो विशेषज्ञ शामिल हैं।
इसके अलावा नर्सिंग कालेज के लिए तीन क्लिनिकल ट्यूटरों ने भी योगदान दिया है। इन नियुक्तियों से विशेष रूप से मेडिसिन, नेफ्रोलाजी, गायनी, ट्रामा, सर्जरी और पैथोलाजी जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को मजबूती मिलेगी। मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और विभागों पर कार्यभार भी कम होगा।
लंबे समय से रिक्त पदों के कारण मरीजों को होने वाली परेशानी में कमी आने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद रिम्स में नियुक्तियों की प्रक्रिया लगभग ठप हो गई थी। अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के साथ चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि जल्द ही 94 सहायक प्राध्यापकों (असिस्टेंट प्रोफेसर) की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा, जिससे शिक्षण और उपचार दोनों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
डिजिटल सुविधाओं से मरीजों को मिलेगी राहत
रिम्स में डिजिटल मैमोग्राफी यूनिट, सेंट्रल लेबोरेटरी, बीएसएनएल आधारित हाई-स्पीड वाई-फाई एवं सीसीटीवी कमांड एंड कंट्रोल रूम, ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के नए आपरेशन थिएटर एवं वार्ड, ई-सुश्रुत एचएमआईएस झारखंड, ऑनलाइन मरीज अपाइंटमेंट प्रणाली तथा सी-डैक आधारित ऑनलाइन भुगतान एवं स्कैन एंड पे सुविधा का शुभारंभ किया गया।
इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को जांच, पंजीकरण, भुगतान और इलाज की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक होगी। डिजिटल मैमोग्राफी यूनिट से स्तन कैंसर की शुरुआती जांच अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी, जबकि सेंट्रल लैब से विभिन्न जांचों की रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी।
ऑनलाइन अपाइंटमेंट और ई-सुश्रुत प्रणाली लागू होने से मरीजों की लंबी कतारों में कमी आने की उम्मीद है। सेंट्रल लेबोरेटरी में अब ऐप के जरिए मोबाइल पर जांच रिपोर्ट मिल सकेगी, मरीजों की रिकार्ड डिजिटल होगा।
डाक्टरों पर भरोसा रखें, सरकार उनके साथ है
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं रिम्स से इंटर्नशिप की है और संस्थान की हर चुनौती को करीब से देखा है। आज स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उन्हें रिम्स को बदलने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि डाक्टरों को बेखौफ होकर काम करना चाहिए क्योंकि सरकार उनकी सुरक्षा और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोई भी डाक्टर जानबूझकर किसी मरीज को मरने नहीं देता। समाज को डाक्टरों पर विश्वास बनाए रखना चाहिए और सरकार चिकित्सा व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रही है।
रिम्स-2 बनेगा झारखंड की सबसे बड़ी स्वास्थ्य परियोजना
डा. इरफान अंसारी ने कहा कि रिम्स-2 उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि रिम्स-2 केवल नई इमारत नहीं होगा, बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस आधुनिक स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
मरीजों को मिलेगा आधुनिक और पारदर्शी उपचार
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार मानव संसाधन, डिजिटल हेल्थ सिस्टम, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और आधारभूत संरचना के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नई नियुक्तियां और डिजिटल सुविधाएं राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देंगी।
रिम्स निदेशक प्रो. (डा.) डीके सिन्हा ने कहा कि 250 एमबीबीएस सीटों की स्वीकृति, नई फैकल्टी की नियुक्तियां, आधुनिक डिजिटल सुविधाओं का विस्तार और प्रस्तावित 94 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती संस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में रिम्स राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट चिकित्सा संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।
इन पांच सेवा का हुआ शुभारंभ
- डिजिटल मैमोग्राफी यूनिट और सेंट्रल लेबोरेटरी शुरू
- ई-सुश्रुत एचएमआइएस, ऑनलाइन अपाइंटमेंट और डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू।
- बीएसएनएल वाई-फाई और सीसीटीवी कमांड एंड कंट्रोल रूम का शुभारंभ।
- ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग का नया आपरेशन थिएटर और वार्ड शुरू।