यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
साहिबगंज DC की और बढ़ेगी मुश्किलें! केस दर्ज करने की तैयारी में जुटी ED, जल्द भेज सकती है तीसरा समन
साहिबगंज उपायुक्त रामनिवास यादव की मुश्किलें बढ़ने वाली है। अब ईडी आर्म्स एक्ट व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने क ...और पढ़ें

HighLights
- तीन जनवरी को ईडी ने उपायुक्त रामनिवास यादव के ठिकाने पर छापेमारी की थी
- साहिबगंज कैंप कार्यालय से 21 कारतूस, 5 खोखे व 7.25 लाख रुपये कैश मिले थे
राज्य ब्यूरो, रांची। साहिबगंज के उपायुक्त रामनिवास यादव के विरुद्ध आर्म्स एक्ट व भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा होने जा रही है। राज्य सरकार से यह अनुशंसा ईडी करने जा रही है। इससे संबंधित ड्राफ्ट तैयार है।
ईडी ने इस संबंध में उपायुक्त से पूछताछ के लिए दो बार समन कर चुकी है, लेकिन डीसी ईडी के सामने उपस्थित नहीं हो सके हैं। अब डीसी को जल्द ही तीसरा समन किया जाएगा। इसके बाद भी वे ईडी के कार्यालय में उपस्थित नहीं होंगे तो ईडी विशेष अदालत में उपायुक्त की अवैध कार्यों में संलिप्तता के बिंदु पर आवेदन देकर कठोर कार्रवाई का आग्रह करेगी।
गौरतलब है कि तीन जनवरी को ईडी ने उपायुक्त रामनिवास यादव के ठिकाने पर छापेमारी की थी। तब उपायुक्त के साहिबगंज स्थित कैंप कार्यालय से 21 कारतूस, पांच खोखे के अलावा 7.25 लाख रुपये नकदी मिले थे। कारतूस प्रतिबंधित श्रेणी के थे। इस मामले में उपायुक्त पर अब तक किसी भी तरह की कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकी है।
कारोबारी इजहार अंसारी फिर से चार दिनों की रिमांड पर
उधर, ईडी कोर्ट में हजारीबाग के कोयला कारोबारी इजहार अंसारी को पूछताछ के बाद मंगलवार को पेश किया। इस दौरान ईडी ने उससे और पूछताछ की आवश्यकता बताते हुए फिर से रिमांड पर लेने का आग्रह किया। ईडी कोर्ट ने इजहार अंसारी से पूछताछ के लिए ईडी को चार दिनों की फिर से रिमांड प्रदान की है।
खबरें और भी
ज्ञात हो कि 16 जनवरी को ईडी ने हजारीबाग स्थित उसके आवास एवं फैक्ट्री पर छापा मारा था। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। 70 करोड़ रुपये के कोल लिंकेज की हेराफेरी मामले में इजहार अंसारी आरोपित है। सीए सुमन कुमार की पहल पर खान विभाग के अधिकारियों ने इजहार अंसारी की कंपनी को कोल लिंकेज देने की अनुशंसा की थी। ईडी ने समन देकर उसे पूछताछ के लिए बुलाया था लेकिन वह हाजिर नहीं हो रहा था।