Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand News: 'साहिबगंज SP ने रची ED अफसरों को फंसाने की साजिश', जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा

    By Dilip KumarEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Tue, 21 Nov 2023 08:18 PM (IST)

    साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम के खिलाफ बड़ा खुलासा हुआ है। ईडी की जांच में जो सबूत मिले हैं उसके अनुसार जिस तरह अमित अग्रवाल ने झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक् ...और पढ़ें

    'साहिबगंज SP ने रची ED अफसरों को फंसाने की साजिश', जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा
    'साहिबगंज SP ने रची ED अफसरों को फंसाने की साजिश', जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा

    HighLights

    1. अमित अग्रवाल ने राजीव कुमार को कोलकाता बुलाकर 50 लाख रुपये के साथ फंसाया
    2. ईडी के अधिकारी को एससी-एसटी केस में फंसाने की साजिश रची

    राज्य ब्यूरो, रांची। जमीन घोटाले में जेल में बंद कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल के नक्शे कदम पर साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम चल रहे थे।

    ईडी को अब तक की जांच में जो सबूत मिले हैं, उसके अनुसार जिस तरह अमित अग्रवाल ने झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजीव कुमार को फंसाने के लिए कोलकाता बुलाकर 50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तारी कराई। उसी तरह एसपी नौशाद आलम ने भी ईडी के विरुद्ध साजिश रची।

    एसपी ने भी ईडी के गवाह पर बनाया था दबाव

    ईडी ने अमित अग्रवाल व राजीव कुमार प्रकरण की तरह एसपी नौशाद आलम की ईडी के विरुद्ध सक्रियता की पहचान की है। एसपी ने भी ईडी के गवाह विजय हांसदा को गवाही से मुकरने के लिए न सिर्फ उस पर दबाव बनाया, बल्कि उसे दिल्ली जाने व आने के लिए रांची पुलिस केंद्र के सार्जेंट के माध्यम से विजय हांसदा का टिकट करवाया।

    ईडी के अधिकारियों को एससी-एसटी उत्पीड़न के केस में फंसाने के लिए भी एसपी नौशाद आलम ने ही साजिश रची। ईडी को इससे संबंधित जानकारी मिली है। रांची के तत्कालीन एसपी ग्रामीण नौशाद आलम के विरुद्ध ईडी कार्यालय में जमीन पर जबरन कब्जा दिलाने से लेकर अवैध बालू तस्करी से संबंधित भी डेढ़ दर्जन शिकायतें भी है। बुधवार को ईडी इन सभी बिंदुओं पर उनसे पूछताछ करेगी।

    अमित ने याचिका मैनेज करने के लिए अधिवक्ता को कराया था ट्रैप

    ईडी की जांच में यह भी स्पष्ट हो चुका है कि झारखंड उच्च न्यायालय में शेल कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कराने संबंधित एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इससे परेशान अमित अग्रवाल ने सोनू अग्रवाल के माध्यम से जनहित याचिका के वकील राजीव कुमार को फंसाने की योजना बनाई।

    खबरें और भी

    उन्हें कोलकाता बुलाया, जहां कोलकाता पुलिस की मदद से राजीव कुमार को 50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार करवा दी थी। राजीव कुमार के लिए अमित अग्रवाल के कहने पर सोनू अग्रवाल ने ही टिकट की व्यवस्था की थी। ईडी ने अमित अग्रवाल व अधिवक्ता राजीव कुमार पर चार्जशीट दाखिल की थी। दोनों अभी जमानत पर हैं।

    यह भी पढ़ें: Jharkhand BDO Transfer: झारखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 39 BDO का हुआ तबादला; जानिए किसको कहां मिली पोस्टिंग

    यह भी पढ़ें: Jharkhand Politics: CM सोरेन ने नेताओं-कार्यकर्ताओं संग की बैठक, मुख्यमंत्री ने चुनाव में जीत के लिए दिया गुरु मंत्र