यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tender Scam : बिरसा मुंडा कारावास भेजे गए आलमगीर आलम, आज 14 दिनों की रिमांड के बाद कोर्ट में थी पेशी
Tender Scam टेंडर में कमीशन से प्राप्त राशि का मनी लांड्रिंग करने के आरोपित ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को आज पीएमएलए कोर्ट में प्रस्तुत करने के ब ...और पढ़ें

HighLights
- इन 14 दिनों की पूछताछ में मंत्री आलमगीर आलम से कई दफा हुई पूछताछ
- ईडी ने 28 मई को मंत्री आलमगीर आलम के सामने IAS मनीष रंजन को बिठाकर समझा कमीशन का पूरा खेल
राज्य ब्यूरो, रांची। Tender Scam : टेंडर कमीशन मामले में गिरफ्तार ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को 14 दिनों की पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार भेज दिया गया । ईडी ने कोर्ट के आदेश पर 17 मई को पूछताछ के लिए आलमगीर आलम को जेल से अपने साथ ले गई थी।
जेल भेजे गए आलमगीर आलम
गौरतलब है कि टेंडर कमीशन घोटाला में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी की रिमांड पर मंत्री आलमगीर आलम का 14वां दिन आज पूरा हुआ।
आज पीएमएलए कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया।
इन 14 दिनों की पूछताछ में मंत्री आलमगीर आलम के सामने ईडी ने पूर्व में गिरफ्तार उनके निजी सचिव संजीव लाल व संजीव लाल के नौकर जहांगीर को भी बैठाकर पूछताछ की।
28 मई को IAS मनीष रंजन के साथ हुई थी आलमगीर से पूछताछ
संजीव लाल व उनके नौकर जहांगीर आलम से जुड़े ठिकानों से करीब 37.5 करोड़ रुपये नकद की बरामदगी के अलावा भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद हुए थे। इसके बाद ईडी ने 28 मई को मंत्री आलमगीर आलम के सामने ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव मनीष रंजन को भी बैठाया और टेंडर कमीशन के खेल को समझा।
उनके बीच वाट्सएप चैट, टेंडर कमीशन के बंटवारे को लेकर हुई बातचीत व कमीशन की राशि से संबंधित निर्णय आदि के मुद्दे पर भी ईडी ने पूछताछ की थी। ईडी ने मनीष रंजन को अब तीन जून को चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज के साथ उपस्थित होने के लिए कहा है।
रांची के अयोध्यापुरी व लक्ष्मी नगर में भी पहुंची ईडी की टीम
टेंडर कमीशन घोटाले में मंत्री आलमगीर आलम व ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व सचिव मनीष रंजन से पूछताछ में ईडी को उनसे जुड़े रांची के दो और ठिकानों की भी जानकारी मिली।
खबरें और भी
इन ठिकानों में कोकर के अयोध्यापुरी रोड नंबर एक निवासी त्रिवेणी ठाकुर व रातू रोड के लक्ष्मी नगर निवासी एक दंत चिकित्सक के ठेकेदार भाई का आवास शामिल हैं।
ईडी की टीम करीब तीन घंटे तक दोनों ठिकानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में कुछ मोबाइल व निवेश से संबंधित दस्तावेज मिले हैं, जिसे ईडी ने जब्त किया है। ईडी दस्तावेजों को टेंडर कमीशन घोटाले से जोड़कर देख रही है। कागजातों की जांच जारी है।