यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आलमगीर आलम के कार्यकाल के टेंडर होंगे रद्द, मैराथन बैठकें कर रहे नए मंत्री; अधिकारियों को दिए निर्देश
Alamgir Alam जेल में बंद आलमगीर आलम के कार्यकाल के टेंडर को रद करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। आलमगीर आलम के इस्तीफे के बाद इरफान अंसारी ग्रामीण विक ...और पढ़ें

HighLights
- आलमगीर आलम पर कमीशन लेकर टेंडर फाइनल करने का है आरोप
- नए सिरे से आकलन के बाद होगा आवंटन, समीक्षा के बाद लिया निर्णय
- जल्द आरंभ होगी प्रक्रिया, पारदर्शी तरीके से काम पर दिया गया है जोर
प्रदीप सिंह, रांची। जेल में बंद पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के कार्यकाल में हुए टेंडर को रद करने की प्रक्रिया आरंभ होगी। उन पर कार्य आवंटन के मद में भारी कमीशन वसूलने का आरोप है। पूर्व मंत्री और उनके करीबी अधिकारियों ने मिलकर इस अनियमितता को अंजाम दिया।
परिणाम यह हुआ कि ईडी ने मनी लांड्रिंग के तहत कार्रवाई की। ग्रामीण विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय किया गया है कि कार्य आवंटन की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से आरंभ होगी। आकलन के बाद ही कार्य का आवंटन होगा। विभाग का जोर इस बार पर है कि काम पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
कोर्ट में आलमगीर के खिलाफ ईडी ने जमा कराए दस्तावेज
उल्लेखनीय है कि ईडी ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके करीबियों के खिलाफ नमूने के तौर पर ईडी कोर्ट में दस्तावेज जमा कराए हैं। केवल पिछले जनवरी महीने में किए गए 92 करोड़ के 25 टेंडर का ब्योरा कोर्ट में जमा किया गया है। इसमें उल्लेख है कि तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम ने इतने टेंडर में कमीशन के रूप में 1.23 करोड़ रुपये लिए थे।
ईडी की जांच में यह तथ्य भी सामने आया था कि रुपयों के लेनदेन का हिसाब उनके सचिव संजीव कुमार लाल रखते थे। संजीव कुमार लाल के निर्देश पर उसका नौकर जहांगीर आलम नकदी को सुरक्षित ठिकाने पर जमा करता था। उसके ठिकाने पर छापेमारी में ही इस कांड का पूरा पर्दाफाश हुआ था। कमीशन का बंटवारा भी व्यवस्थित तरीके से होता है। इसके लिए कोड वर्ड का उपयोग होता था।
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मंत्री के लिए एम व आनरेबल मिनिस्टर के लिए एच एम शब्द का ये बतौर कोडवर्ड इस्तेमाल करते थे। ईडी की छापेमारी में आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल और उसके नौकर जहांगीर के ठिकाने से 37.5 करोड़ रुपये की बरामदगी की गई है। दोनों बीते छह मई को गिरफ्तार किए गए थे।
आलमगीर की गिरफ्तारी पूछताछ के बाद 15 मई को हुई थी। मंत्री को बाद में इस्तीफा देना पड़ा, जबकि उनके पीएस झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संजीव कुमार लाल को सरकार ने निलंबित कर दिया।
मैराथन बैठकें कर रहे नए मंत्री, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
आलमगीर आलम के इस्तीफे के बाद कई जामताड़ा के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री बनाए गए। वे कार्यभार संभालने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि कार्य में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए। ग्रामीण विकास विभाग के पास महती जिम्मेदारी है। इसके तहत कार्य को युद्धस्तर पर अंजाम दिया जाए।
जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। सबको हिदायत दे दी गई है कि नए परिवेश में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करें। काफी कम समय में ही कामकाज को पटरी पर लाने का प्रयास किया गया है। वे जिलों का भी दौरा कर रहे हैं।
इरफान अंसारी ने कहा कि जल्द ही इसके परिणाम दिखने लगेंगे। अधिकारियों के कामकाज की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। परिणामपरक अधिकारी उनकी टीम में रहेंगे। उन्होंने वैसे अधिकारियों को दो टूक कह दिया है जो काम नहीं करना चाहते और सिर्फ समय व्यतीत करते हैं। मंत्री के मुताबिक, वे ज्यादा बोलने की बजाय काम कर दिखाएंगे।