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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand Teacher: झारखंड में शिक्षकों की बढ़ेगी टेंशन! हेमंत सरकार ने लागू किया नया नियम, अच्छे से पढ़ लें

Updated: Fri, 25 Apr 2025 08:10 PM (IST)

Jharkhand Teacher News झारखंड के स्कूलों में शिक्षकों के लिए नया नियम लागू किया गया है। ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर लगातार तीन दिन देर से उपस्थिति दर्ज क ...और पढ़ें

खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

HighLights

  1. 80 उत्कृष्ट विद्यालयों तथा 325 आदर्श विद्यालयों के शिक्षकों के लिए लागू हुुई व्यवस्था
  2. बच्चों की 75 प्रतिशत उपस्थिति भी अनिवार्य, विस्तृत दिशा-निर्देश जारी

राज्य ब्यूरो, रांची। शिक्षकों द्वारा ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर लगातार तीन दिन देर से उपस्थिति बनाने पर इसे एक आकस्मिक अवकाश के रूप में गिना जाएगा।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस व्यवस्था को 80 उत्कृष्ट विद्यालयों (सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस) तथा प्रखंड स्तरीय 325 आदर्श विद्यालयों में लागू की है।

विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने इन विद्यालयों के सुचारू रूप से संचालन के लिए शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें यह व्यवस्था लागू किए जाने की बात कही गई है।

शिक्षा सचिव ने इन विद्यालयों में सीबीएसई तथा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के मानक के अनुरूप बच्चों की 75 प्रतिशत उपस्थिति भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

इसे लेकर उन्होंने प्रत्येक माह 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले बच्चों की पहचान कर प्रधानाध्यापक द्वारा उपस्थिति बढ़ाने को लेकर बच्चों के अभिभावकों को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए हैं।

सचिव ने पहले एवं दूसरे शनिवार को क्विज, पेंटिंग, वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि अतिरिक्त गतिविधियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए हैं।

जैक लेगा आठवीं से 12वीं की एसए-1 तथा एसए-2 परीक्षा

उत्कृष्ट एवं आदर्श विद्यालयों में आठवीं से 12वीं तक समेटिव असेसमेट-1 परीक्षा सितंबर तथा समेटिव असेसमेंट-2 परीक्षा मार्च माह में लिया जाएगा। वहीं, पहले से सातवीं कक्षाओं के लिए ये परीक्षाएं जेसीईआरटी द्वारा संबंधित स्कूल में ही ली जाएगी।

हालांकि, मूल्यांकन दूसरे स्कूलों के शिक्षक करेंगे। 10वीं एवं 12वीं प्री बाेर्ड-1 परीक्षा दिसंबर तथा प्री बोर्ड-2 परीक्षा जनवरी माह में होगी।

20 प्रतिशत से अधिक बच्चे के फेल होने पर प्रधानाध्यापक और शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई

सचिव ने बच्चों के बेहतर परिणाम को लेकर भी कई निर्देश दिए हैं। किसी स्कूल में 20 प्रतिशत से अधिक बच्चे असफल हुए तो उसके प्रधानाध्यापक और संबंधित विषय शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

चार माह पर जारी होगा बच्चों का रिपोर्ट कार्ड

इन स्कूलों के बच्चों का रिपोर्ट कार्ड प्रत्येक चार माह पर ऑनलाइन जारी होगा। उसे संबंधित छात्र-छात्रा के अलावा उनके अभिभावक भी देख सकेंगे।

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