यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुख्यमंत्री के राज में सुरक्षित नहीं है आदिवासी बहन-बेटियां, धोखा देने के लिए निकाल रहे खतियान जोहार यात्रा
सांसद संजय सेठ महिला के दर्जनभर से अधिक टुकड़े करने वाले मामले में झारखंड सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग की है। हेमंत सरकार पर हमला करते हुए उन्हो ...और पढ़ें

रांची,जागरण: साहिबगंज की पहाड़िया बेटी की उसके कथित विधर्मी पति के द्वारा दर्जनभर से अधिक टुकड़े कर दिए गए। यह घटना न सिर्फ मानवता को शर्मसार करने वाली है बल्कि सभ्य समाज को कलंकित करने वाली है। ये कहना है रांची के सांसद संजय सेठ की।
सेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री बिना देर किए एसआईटी का गठन करें या फिर इस तरह के मामलों को लेकर एनआईए या सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश केंद्र से करें। केंद्र सरकार इस मामले की जांच करेगी क्योंकि यह एक सोची समझी साजिश है। यह कोई सामान्य हत्या की घटना नहीं है।
संथाल में विधर्मियों के निशाने पर हमारी बेटियां हैं और हमारी सरकार चुपचाप खामोश होकर तमाशा देख रही है। समाज अब ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा। सेठ ने साहिबगंज में पहाड़िया समुदाय की युवती की पति के द्वारा इलेक्ट्रिक आरी से बेरहमी से टुकड़े-टुकड़े किए जाने की घटना के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।
सांसद सेठ ने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय का हितैषी होने की बात करते हैं, झारखंडियों को धोखा देने के लिए खतियानी यात्रा निकाल रहे हैं और दूसरी तरफ झारखंड की आदिवासी बेटियां, उनकी इज्जत और उनकी जिंदगी कुछ भी सुरक्षित नहीं है। इससे वीभत्स और क्या हो सकता है कि आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में आदिवासी बहन बेटियां ही सुरक्षित नहीं है। यह इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना है।