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    धनबाद में चील के हमले से टूटा रिश्ता: अपशकुन मानकर रद हुई शादी, बंदरों ने तोड़ दिया था घोंसला

    Updated: Mon, 16 Mar 2026 12:53 PM (IST)

    Jharkhand धनबाद के टूंडी ब्लॉक के एक गांव में एक चील के अचानक हमले ने दो परिवारों के बीच तय शादी का रिश्ता तोड़ दिया। बंदरों द्वारा घोंसले तोड़े जाने ...और पढ़ें

    HighLights

    1. चील के हमले से टुंडी में शादी का रिश्ता टूटा।

    2. बंदरों के कारण चीलें हुईं थीं अधिक आक्रामक।

    3. ग्रामीणों ने वन विभाग से कार्रवाई की मांग की।

    दिनेश महथा, टुंडी (धनबाद)। कभी-कभी किस्मत ऐसे मोड़ ले लेती है कि लोग हैरान रह जाते हैं। दक्षिणी टुंडी के एक गांव में कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक चील की झपट ने बनते-बनते दो परिवारों के बीच तय हो रहा शादी का रिश्ता तुड़वा दिया।

    सुनने में यह घटना भले ही अटपटी लगे, लेकिन टुंडी के गांव में यह चर्चा इन दिनों लोगों की जुबान पर है। गांव के एक पुराने पीपल के पेड़ पर वर्षों से चीलों का बसेरा है।

    हाल के दिनों में गांव में बंदरों की आवाजाही बढ़ गई है। बंदरों के झुंड अक्सर उस पीपल के पेड़ पर चढ़ जाते हैं और चीलों द्वारा बनाए गए घोंसलों को तोड़ देते हैं।

    इससे चील काफी आक्रामक हो गई है और कई बार आसपास से गुजरने वाले लोगों पर झपट पड़ती है। इसी बीच गांव के एक युवक की शादी जामताड़ा जिले में तय हुई थी।

    दोनों परिवारों के बीच बातचीत पूरी हो चुकी थी और रिश्ता लगभग पक्का माना जा रहा था। दुल्हन पक्ष के कुछ लोग दूल्हे के घर आकर शादी की औपचारिक मुहर लगाने वाले थे।

    परिवार के लोग घर के पिछवाड़े की ओर निकले ही थे कि अचानक ऊपर से चील झपट पड़ी। चील के इस अचानक हमले से वहां मौजूद लोग घबरा गए। किसी को हल्की खरोंच आई तो किसी ने डर के मारे भागकर खुद को बचाया। बस फिर क्या था, कुछ लोगों ने इसे अपशकुन मान लिया।

    चर्चा शुरू हुई और माहौल ऐसा बना कि देखते ही देखते दोनों परिवारों के बीच तय हो रहा रिश्ता टूट गया। गांव में अब इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं।

    कुछ लोग इसे महज संयोग बता रहे हैं तो कुछ इसे अपशकुन मानकर चर्चा कर रहे हैं। जैसा कि एक शायर ने कहा है—

    “किस्मत के खेल भी अजीब होते हैं,

    कभी मंज़िल पास आकर भी दूर होते हैं।”

    फिलहाल गांव में चील की आक्रामकता भी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

    ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। वहीं, वन विभाग ऐसी घटना में खुद को अक्षम बता रहा है।

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