Budget 2026 पर झारखंड में सियासी घमासान: सत्ता पक्ष ने की सराहना, तो विपक्ष ने बताया मजदूर विरोधी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश 2026 के आम बजट पर सीसीएल पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सत्ता पक्ष इसे व ...और पढ़ें

HighLights
सत्ता पक्ष ने बजट को विकास और रोजगारोन्मुखी बताया।
विपक्ष और मजदूर संगठनों ने इसे मजदूर-किसान विरोधी कहा।
पिपरवार कोयलांचल में बजट पर तीखी राजनीतिक बहस छिड़ी।
जागरण संवाददाता, रांची। लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वर्ष वित्तीय 2026 का आम बजट पेश किए जाने के बाद CCL पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में बजट को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।
सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने बजट को विकास, बुनियादी ढांचे और रोजगार को नई गति देने वाला बताया है, जबकि विपक्षी दलों और मजदूर संगठनों ने इसे मजदूर-किसान विरोधी और पूंजीपतियों के पक्ष में बनाया गया मजदुर विरोधी बजट करार दिया है।
सतापक्ष के पिपरवार भाजपा मंडल अध्यक्ष रामलाल महतो ने बजट का जोरदार समर्थन करते हुए कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार करता है।
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा, उद्योग, ऊर्जा और रोजगार पर केंद्र सरकार का स्पष्ट फोकस दिखाई देता है, जिसका लाभ कोयलांचल क्षेत्र को भी मिलेगा।
जनता मजदूर संघ के केंद्रीय सचिव सह सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य रविंद्रनाथ सिंह ने कहा कि बजट में औद्योगिक विकास और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे कोल उद्योग में काम करने वाले मजदूरों को भविष्य में बेहतर सुरक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पिपरवार सांसद प्रतिनिधि रविंद्र सिंह ने बजट को गरीब, मध्यम वर्ग और युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बताया और दावा किया कि इससे देश की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों को छुएगी।
बचरा दक्षिणी पंचायत की मुखिया सह पिपरवार भाजपा मंडल प्रतिनिधि रीना देवी ने कहा कि बजट में महिलाओं, ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है, जिससे गांवों का समग्र विकास संभव होगा।
दूसरी ओर विपक्षी दलो के तेवर तीखे दिखे सिस्टा के पिपरवार क्षेत्रीय सचिव कामेश्वर राम ने कहा कि यह बजट पूंजीपतियों को राहत देने वाला है, जबकि मजदूर, किसान और निम्न वर्ग की समस्याओं को नजर अंदाज किया गया है।
जेसीएमयू के पिपरवार क्षेत्रीय सचिव इकबाल हुसैन ने कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और चार श्रम संहिताओं पर बजट में चुप्पी मजदूर विरोधी मानसिकता को दर्शाती है।
आरसीएमयू के पिपरवार क्षेत्रीय अध्यक्ष मो. कासिम उर्फ मुन्ना ने कोल मजदूरों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मजदूर हितों की अनदेखी के खिलाफ आंदोलन तेज किया जाएगा।
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट को लेकर पिपरवार में पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है।