यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Politics: क्या सच में चंपई सोरेन की जासूसी की गई? अब पुलिस मुख्यालय ने कर दिया सबकुछ क्लियर
Jharkhand Political Crisis झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की जासूसी करने के संदेह में झारखंड के दो पुलिस अधिकारियों से दिल्ली पुलिस ने पूछताछ ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand Political Crisis: दिल्ली में मंत्री चंपाई सोरेन की जासूसी मामले में पकड़े गए विशेष शाखा के दो पदाधिकारियों के मामले में झारखंड पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में एक अधिकृत बयान जारी कर बताया है कि व्यक्ति विशेष की जासूसी की बात गलत है। दोनों ही पदाधिकारी सुरक्षा में प्रतिनियुक्त थे और वे अपनी ड्यूटी कर रहे थे। इस संबंध में सभी संबंधित जांच एजेंसियों को सूचना व सारी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। वस्तु स्थिति स्पष्ट होने के बाद उक्त दोनों ही पदाधिकारियों को मुक्त कर दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय के अधिकृत बयान के अनुसार पारंपरिक तौर पर दिल्ली व अन्य राज्यों में विशेष शाखा झारखंड की टीम झारखंड संबंधित राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक व अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर गोपनीय सूचना प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से जुटाती है।
सुरक्षा श्रेणी वाले गणमान्य व्यक्तियों को सुरक्षा देने में भी विशेष शाखा की टीम का योगदान रहता है। दिल्ली में अपने कार्य निर्वहन के दौरान गलत फहमी के कारण दोनों अवर निरीक्षक चिह्नित हुए। इस संबंध में समाचार प्रसारित होने लगी कि किसी व्यक्ति विशेष की निगरानी की जा रही है। वास्तविकता में उक्त पुलिस पदाधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए वहां प्रतिनियुक्त किए गए थे।
गौरतलब है कि चंपाई सोरेन पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। वे वर्तमान में झारखंड सरकार सरकार के उच्च सुरक्षा श्रेणी से संबद्ध हैं। विशेष शाखा के पदाधिकारी वहां अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। इस पूरे प्रकरण में पुलिस मुख्यालय नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रहा है।
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