यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maiya Samman Yojana: क्या मंईयां सम्मान योजना के लिए कर्ज लेना पड़ेगा? झारखंड सरकार के अधिकारियों ने दी जानकारी
झारखंड में मंईयां योजना को चालू रखने के लिए राज्य सरकार को संसाधनों की कमी नहीं होगी। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार झारखंड ने पिछले कुछ वर्षों म ...और पढ़ें

HighLights
- खजाना दुरुस्त, योजना को जारी रखने में कोई कठिनाई नहीं
- पिछले वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये रिवेन्यू सरप्लस बजट रहा
- चालू वित्तीय वर्ष में कहीं से नहीं होगी संसाधनों की कमी
आशीष झा, रांची। Jharkhand News: झारखंड में मंईयां योजना को चालू रखने के लिए राज्य सरकार को संसाधनों की कमी होने के आसार अभी तक नहीं है। वित्त विभाग के अधिकारियों की मानें तो पिछले कुछ वर्षों में झारखंड ने कहीं से कर्ज नहीं लिया है और सरप्लस बजट भी रहा है।
ऐसे में कर्ज लेकर रेवड़ी बांटने जैसे आरोप कहीं खड़े नहीं उतरते। सरकार एक बार फिर इस योजना के लिए कोई कर्ज नहीं लेगी। ऐसे में यह तय होता दिख रहा है कि कर्ज लिए बगैर भी मंईयां योजना को जारी रखा जा सकता है। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार इस उपलब्धि के पीछे पिछले चार-पांच वर्षों से चले आ रहे वित्तीय सुधारों का व्यापक असर है। इसके तहत राज्य सरकार ने शुरुआत में महंगी दरों पर कर्ज लेना बंद किया और फिर बाद में ओपन मार्केट से कम ब्याज दर पर राशि का प्रबंध कर कर्ज चुकाया भी।
वित्तीय सुधारों का ही असर था कि पिछले तीन वर्षों से झारखंड का बजट सरप्लस रहा है। अब राज्य सरकार इस सरप्लस बजट से बची राशि का लाभ ले रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में भी 12 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस बजट था।
राज्य सरकार अपने संसाधनों का उपयोग करेगी
अब राज्य सरकार मंईयां योजना को जारी रखने के लिए अपने संसाधनों का ही उपयोग करेगी। शुरुआत में यह अनुमान लगाया गया था कि इस योजना को जारी रखने के लिए सरकार को दस हजार करोड़ रुपये के करीब राशि का इंतजाम करना होगा। अब इससे अधिक राशि सरकार बचा ही ले रही है तो कहीं से संकट आने का अनुमान नहीं है।
खबरें और भी
राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में 15 हजार करोड़ रुपये के करीब कर्ज को खत्म करने में भी सफलता पाई है। इसके लिए तत्कालीन अधिकारियों के प्रयासों की सराहना भी तत्कालीन वित्त मंत्री डा. रामेश्वर उरांव ने की थी। एक बार फिर ऐसे ही प्रयासों की बदौलत बची हुई राशि का प्रयोग राज्य सरकार कर पाएगी और यह मंइयां योजना के संचालन में सफल साबित होगी। राज्य सरकार के लिए पिछले तीन वर्षों का सरप्लस बजट भी काम आएगा जो तंगहाली में भी राज्य सरकार के काम आएगी।
.jpg)
मंईयां सम्मान राशि की बड़ी बातें
- मंईयां सम्मान योजना के तहत हर माह 1000 रुपये दिए जा रहे थे
- अब इसे बढ़ाकर हेमंत सरकार ने 2500 रुपये कर दिया है
- हेमंत सोरेन को इसका फायदा विधानसभा चुनाव में मिला
- बता दें भाजपा ने भी गोगो दीदी योजना के तहत राशि देने का वादा किया था
ये भी पढ़ें