World Liver Day 2026: हर तीसरे भारतीय को बिना शराब पिये हो रहा 'फैटी लिवर', इन 5 आदतों से कर सकते हैं बचाव
विश्व लिवर दिवस 2026 पर 'Strong Habits, Strong Liver' थीम के तहत लिवर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही ...और पढ़ें

फैटी लिवर से बचाव के टिप्स। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
कुमार गौरव, रांची। World Liver Day 2026 के अवसर पर इस वर्ष की थीम सॉलिड हैबिट्स, स्ट्रांग लिवर (मजबूत आदतें, मजबूत लिवर) के तहत लोगों को लिवर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इस थीम का उद्देश्य यह बताना है कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। मेदांता अस्पताल, रांची के वरिष्ठ कंसलटेंट गैस्ट्रोएंटेरोलाजिस्ट डॉ. संगीत सौरभ ने कहा लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पाचन, विषैले तत्वों को बाहर निकालने और ऊर्जा संचयन जैसे कई जरूरी कार्य करता है।
आज के समय में खराब खानपान, जंक फूड, शारीरिक निष्क्रियता, मोटापा, अत्यधिक शराब सेवन और वायरल संक्रमण (हेपेटाइटिस बी एवं सी) के कारण लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि फैटी लिवर , हेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियां शुरुआती चरण में अक्सर बिना लक्षण के होती हैं, जिससे समय पर पहचान नहीं हो पाती। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता बेहद आवश्यक है।
वहीं, उपचार के बारे में डॉ. सौरभ ने बताया कि यदि लिवर की बीमारी का समय पर पता चल जाए, तो सही इलाज, जीवनशैली में बदलाव और नियमित निगरानी से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्नत अवस्था में भी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से बेहतर उपचार संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में अच्छी आदतों को शामिल करें और लिवर के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। किसी भी असामान्य लक्षण जैसे थकान, भूख न लगना, पीलिया या पेट में सूजन होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।
अपनाएं ये आदतें, ताकि लिवर रहे स्ट्रांग
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जिसमें हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल हों।
- जंक और तैलीय भोजन से परहेज करें।
- नियमित व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें।
- शराब का सेवन न करें या सीमित मात्रा में करें।
- हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण अवश्य कराएं।
- बिना डाक्टर की सलाह के दवाइयों का सेवन न करें।
हर तीन में से एक भारतीय को बिना शराब पिए रहा फैटी लिवर
मेडिकल गैस्ट्रोएंटेरोलाजी एवं हेपेटोलाजी, भगवान महावीर मणिपाल हास्पिटल्स, रांची के परामर्शदाता डॉ. शेखर स्वरूप कहते हैं, हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, हर तीन में से एक भारतीय को बिना शराब पिए भी फैटी लिवर हो रहा है।
इसके अलावा, एक अन्य रिपोर्ट बताती है कि दुनिया की लगभग एक-तिहाई आबादी एमएएसएलडी या फैटी लिवर से पीड़ित है, जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर का कारण बन सकता है। यह एक ऐसी लिवर बीमारी है जो वजन, खान-पान और जीवनशैली से जुड़ी होती हैं।
ये 5 आदतें, जो फैटी लिवर से बचने में करती हैं मदद
संतुलित आहार लें। लिवर के स्वास्थ्य और फैट मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने के लिए सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन से भरपूर आहार बहुत लाभकारी होता है।
अपने सह-रोगों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित रखें।
सप्ताह में कुल 150 मिनट का मध्यम व्यायाम, जैसे साइक्लिंग, तैराकी और जागिंग, लिवर की बीमारी को कम करने में सहायक होता है।
यदि आपको नान-अल्कोहोलिक फैटी लिवर है, तो शराब का सेवन स्थिति को और खराब कर सकता है, लिवर के लिए शराब की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं होती।
चीनी, वसा और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें और सब्जियों तथा बिना रिफाइंड अनाज को अपने आहार में शामिल करें।
इसके अलावा, पर्याप्त पानी पिएं और स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, छोटे-छोटे बदलाव और सरल आदतें आपके लिवर के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार ला सकती हैं।
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