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    अप्रैल में समय खत्म, फिर भी अंधेरे में 48 टोले; साहिबगंज में ₹29 करोड़ की उज्ज्वल योजना की सुस्त रफ्तार

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 01:05 PM (IST)

    साहिबगंज में मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत 172 में से 48 टोले अभी भी अंधेरे में हैं, जबकि विद्युतीकरण की अवधि अप्रैल में समाप्त हो चुकी है। ...और पढ़ें

    साहिबगंज में ₹29 करोड़ की उज्ज्वल योजना की सुस्त रफ्तार

    साहिबगंज में ₹29 करोड़ की उज्ज्वल योजना की सुस्त रफ्तार

    HighLights

    1. साहिबगंज में 172 में से 48 टोले अब भी बिजली से वंचित।

    2. विद्युतीकरण परियोजना की 18 माह की अवधि अप्रैल में समाप्त।

    3. कार्यदायी कंपनी ने अवधि विस्तार मांगा, अनुमति प्रतीक्षित है।

    शिवशंकर कुमार, साहिबगंज। मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत जिला के 172 नए टोला में अब तक 124 टोला में का ही विद्युतीकरण हो पाया है। इस कार्य का जिम्मा मां इंफ्राटेक प्रा लि को मिला था। 

    कंपनी को 18 माह में कार्य पूरा कर देना था लेकिन इस अवधि में मात्र 72 प्रतिशत ही काम हो पाया। शेष 48 टोला में आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी। कंपनी को दी गयी अवधि अप्रैल 2026 में ही समाप्त हो गयी। 

    अब कंपनी ने शेष टोला के विद्युतीकरण के लिए अवधि विस्तार मांगा है। इसके लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को पत्र लिखा है लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में बाकी टोला में बिजली पहुंचेगी या आगे भी अंधेरा में लोग रहेंगे यह समय बताएगा। 

    बाढ़ व बरसात की वजह से काम करने में परेशानी

    कंपनी का कहना है कि जिले में बाढ़ व बरसात की वजह से काम करने में परेशानी हुई। इस वजह से समय पर काम पूरा नहीं हो सका। सदर प्रखंड के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर 29 में मात्र आठ टोला में विद्युतीकरण हुआ। 

    21 अब तक बाकी है। मंडरो में 41 टोला में 25 टोला में ही कार्य हो पाया है। बरहेट में 55 में 47 टोला में बिजली पहुंचायी गयी है।

    नए बसावटों में पहुंचानी थी बिजली 

    मुख्यमंत्री उज्जवल झारखंड योजना के तहत वैसे टोला का चयन किया गया था जो गांव या शहर से हटकर नया बसा है। विद्युत विभाग द्वारा इसके लिए सभी प्रखंडों में सर्वे कराया गया। इस दौरान 172 टोला चिन्हित किया गया। सबसे अधिक मंडरो प्रखंड में 41 टोला में बिजली पहुंचानी थी। 

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    सबसे कम राजमहल में दो टोला है। इन गांवों में नए सिरे से बिजली का पोल, तार व ट्रांसफार्मर पहुंचाया जाना है। इन सभी टोलों में बिजली पहुंचाने में कुल बजट 29 करोड़ खर्च होंगे।

    जिले में 172 टोला को चिन्ह्रित किया गया था जिनमें से 124 टोला में विद्युतीकरण हो चुका है। कंपनी की 18 माह की अवधि अप्रैल में पूर्ण हो चुकी है। कंपनी ने कार्य विस्तार की विभाग से अनुमति मांगी है लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। शेष टोला का कार्य जल्द पूरा करा दिया जाएगा। - शंभू नाथ चौधरी, विद्युत कार्यपालक अभियंता

    बाढ़ व बरसात व अन्य वजह से थोड़ी परेशानी हुई है। जिले में 172 टोला में 48 शेष रह गया है। चूंकि 18 माह की अवधि इस साल अप्रैल में समाप्त हो चुकी है। इसलिए विभाग को विस्तारीकरण के लिए लिखा गया है। आदेश प्राप्त होने के साथ जल्द बाकी स्थानों पर विद्युतीकरण का कार्य कर दिया जाएगा। - एस मल्लिक, कोऑर्डिनेटर, साहिबगंज, मां इंफ्राटेक प्रा. लि.

    क्र० सं० प्रखंड का नाम टोला की संख्या कार्य पूर्ण की संख्या
    1 सदर प्रखंड 29 08
    2 मंडरो 41 25
    3 बोरियो 20 18
    4 राजमहल 02 02
    5 तालझारी 06 05
    6 उधवा 08 08
    7 बरहेट 55 47
    8 पतना 11 11

     

    शिवशंकर कुमार, साहिबगंज। मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत जिला के 172 नए टोला में अब तक 124 टोला में का ही विद्युतीकरण हो पाया है। इस कार्य का जिम्मा मां इंफ्राटेक प्रा लि को मिला था। 


    कंपनी को 18 माह में कार्य पूरा कर देना था लेकिन इस अवधि में मात्र 72 प्रतिशत ही काम हो पाया। शेष 48 टोला में आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी। कंपनी को दी गयी अवधि अप्रैल 2026 में ही समाप्त हो गयी। 


    अब कंपनी ने शेष टोला के विद्युतीकरण के लिए अवधि विस्तार मांगा है। इसके लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को पत्र लिखा है लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में बाकी टोला में बिजली पहुंचेगी या आगे भी अंधेरा में लोग रहेंगे यह समय बताएगा। 


    बाढ़ व बरसात की वजह से काम करने में परेशानी

    कंपनी का कहना है कि जिले में बाढ़ व बरसात की वजह से काम करने में परेशानी हुई। इस वजह से समय पर काम पूरा नहीं हो सका। सदर प्रखंड के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र मिलाकर 29 में मात्र आठ टोला में विद्युतीकरण हुआ। 


    21 अब तक बाकी है। मंडरो में 41 टोला में 25 टोला में ही कार्य हो पाया है। बरहेट में 55 में 47 टोला में बिजली पहुंचायी गयी है।


    नए बसावटों में पहुंचानी थी बिजली 


    मुख्यमंत्री उज्जवल झारखंड योजना के तहत वैसे टोला का चयन किया गया था जो गांव या शहर से हटकर नया बसा है। विद्युत विभाग द्वारा इसके लिए सभी प्रखंडों में सर्वे कराया गया। इस दौरान 172 टोला चिन्हित किया गया। सबसे अधिक मंडरो प्रखंड में 41 टोला में बिजली पहुंचानी थी। 


    सबसे कम राजमहल में दो टोला है। इन गांवों में नए सिरे से बिजली का पोल, तार व ट्रांसफार्मर पहुंचाया जाना है। इन सभी टोलों में बिजली पहुंचाने में कुल बजट 29 करोड़ खर्च होंगे।


    जिले में 172 टोला को चिन्ह्रित किया गया था जिनमें से 124 टोला में विद्युतीकरण हो चुका है। कंपनी की 18 माह की अवधि अप्रैल में पूर्ण हो चुकी है। कंपनी ने कार्य विस्तार की विभाग से अनुमति मांगी है लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। शेष टोला का कार्य जल्द पूरा करा दिया जाएगा। - शंभू नाथ चौधरी, विद्युत कार्यपालक अभियंता



    बाढ़ व बरसात व अन्य वजह से थोड़ी परेशानी हुई है। जिले में 172 टोला में 48 शेष रह गया है। चूंकि 18 माह की अवधि इस साल अप्रैल में समाप्त हो चुकी है। इसलिए विभाग को विस्तारीकरण के लिए लिखा गया है। आदेश प्राप्त होने के साथ जल्द बाकी स्थानों पर विद्युतीकरण का कार्य कर दिया जाएगा। - एस मल्लिक, कोऑर्डिनेटर, साहिबगंज, मां इंफ्राटेक प्रा. लि.