साहिबगंज में गंगा ने पार की चेतावनी रेखा, 50 हजार परिवारों में दहशत; प्रशासन अलर्ट
साहिबगंज में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी रेखा को पार कर गया है, जिससे जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है।

अधिकारियों के साथ साहिबगंज गंगा घाट पर जलस्तर का जायजा लेते उपायुक्त दीपक कुमार दुबे। ( फोटो जागरण)
HighLights
गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा 26.25 मीटर पार कर गया।
उपायुक्त ने घाटों और दियारा क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
बाढ़ राहत के लिए फंड, चारा और आश्रय की तैयारी।
जागरण संवाददाता, साहिबगंज। गंगा नदी का जलस्तर मंगलवार को दोपहर बाद चेतावनी रेखा को पार कर गया। झारखंड के साहिबगंज में चेतावनी रेखा 26.25 मीटर है लेकिन देर शाम जलस्तर 26.26 मीटर पर पहुंच चुका था।
खतरे का निशान 27.25 मीटर है। जलस्तर के चेतावनी रेखा को पार करने के साथ ही जिला प्रशासन रेस हो गया। उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने एडीसी और एसडीओ के साथ चानन घाट, पुरानी साहिबगंज घाट, मुक्तेश्वर घाट व शकुंतला सहाय घाट का निरीक्षण किया।
बिजली घाट पर खड़ी बोट एंबुलेंस को देखा कुछ लोगों से गंगा पार रहने वाले ग्रामीणों व टोला की जानकारी ली। उन लोगों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उपायुक्त ने अपनी टीम को दियारा क्षेत्र का निरीक्षण करने का आदेश दिया।
उपायुक्त के आदेश पर एडीसी विजय कुमार और सदर एसडीओ अमर जान आइंद ने मोटर बोट से रामपुर दियारा क्षेत्र सहित सटे अन्य गांवों का जायजा लिया। ग्रामीणों से वार्ता कर समस्या को जाना। ग्रामीणों को बताया कि इस आपदा में जिला प्रशासन आपके साथ है।
मवेशियों के लिए चारा की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए स्थल का चयन कर लिया गया है। अधिक पानी बढ़ने पर निश्चिंत होकर सूखे स्थान पर पहुंचे ताकि जिला प्रशासन मदद कर सके। इसके लिए रेन बसेरा व निश्शुल्क भोजन की व्यवस्था की जाएगी। लोगों के ठहरने के लिए स्थल चिन्ह्रित कर लिया गया है।
बाढ़ से 50 हजार परिवार होते प्रभावित
बाढ़ से सदर प्रखंड की नौ, राजमहल अंचल की तीन, तालझारी अंचल की दो, बोरियो अंचल की छह, अंचल उधवा की 14 पंचायत प्रभावित होते हैं। सदर अंचल के पंचायत मखमलपुर उत्तर, हर प्रसाद, हाजीपुर पश्चिम, मखमलपुर दक्षिण, गंगा प्रसाद पश्चिम, गंगा प्रसाद पूरब, गंगा प्रसाद पूरब मध्य, गंगा प्रसाद पश्चिम मध्य व हाजीपुर पूरब प्रभावित होते हैं।
राजमहल अंचल की गदायदियारा, दाहुटोला, पूर्वी नारायणपुर, तालझारी अंचल की कल्याणी, मसकलैया, बोरियो अंचल की बड़ा जिरवाबाड़ी, बड़ा तौफिक, बड़ा लोहंडा, कबूतरखोपी, गोपालचौकी, छोटा पागड़ो पंचायत प्रभावित होती है।
उधवा अंचल की पश्चिमी प्राणपुर, बेगमगंज, पूर्वी प्राणपुर, बानुटोला, पियारपुर, पियारपुर व अन्य, पियारपुर मनिरूद्दीननटोला, पियारपुर वार्ड नंबर दो, पियारपुर वार्ड नंबर तीन, श्रीधर, श्रीधर दियारा, श्रीधर दियारा दो, श्रीधर दियारा तीन व उत्तर पलाशगाछी शामिल है।
बाढ़ जैसी आपदा से निपटने को मिला फंड
बाढ़ जैसी आपदा से निपटने को लेकर जिला प्रशासन को दो करोड़ राशि आवंटन हो चुका है। बाढ़ के दौरान गंगा, कुआं, तालाब, डोभा पोखर में डूबने के दौरान चार लाख तक मिलने वाली मुआवजा राशि अलग से आवंटन हुआ है।
जिला प्रशासन संभावित बाढ़ को देखते हुए रेस हो चुकी है। पशुओं का चारा को लेकर टेंडर कर लिया गया है। चिन्ह्रित स्थलों पर पूर्व की भांति चारा का वितरण किया जाएगा। बाढ़ पीड़ितों के लिए सूखा भोजन देने की तैयारी है।
जिला प्रशासन ने इसका टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। आदेश देने के साथ लोगों को रिलीफ मिलना शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन पिछले साल 2025 में डीएमएफटी और आपदा मित्र फंड से करीब 1.5 करोड़ की लागत से रेस्क्यू बोट समेत पांच मोटर बोट की खरीदारी की है।
इस फंड से सुरक्षा के लाइफ जैकेट, टार्च, रस्सी, जेटी सहित दर्जनों जरूरी समान की खरीदारी की गई है। इसी मद से बिजली घाट के पास एक स्थाई भवन बनाया गया है जहां बोट का ड्राइवर का ठहरने की व्यवस्था है।
शौचालय, स्नान व भोजन बनाने की सुविधा है। इस भवन के अंदर बाढ़ से निपटने को लेकर सुरक्षा के सारे सामग्री स्टाक रखी जाती है।
गंगा चेतावनी रेखा को पार कर चुकी है। इसी के मद्देनजर गंगा घाट का दौरा किया गया। बोट एंबुलेंस भी तैयार है। दो गोताखोर को प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजा गया है। अन्य गोताखोरों को अगल अलग जगहों पर तैनात किया जाएगा। पर्याप्त मोटर बोट उपलब्ध है। जरूरत पड़ी तो नाव की व्यवस्था भी की जाएगी। वैसे जिलावासियों को डरने की जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ी तो एनडीआरएफ को बुलाया जाएगा। जिलेवासियों से अपील है कि अभी गंगा नदी में स्नान करने न जाएं। बच्चों को भी न जाने दें।
