झारखंड में कृषि उपकरणों पर 80% तक अनुदान, किसानों को मिलेगा आधुनिक खेती का लाभ
सरकार पीएम-आरकेवीवाई योजना के तहत कृषि उपकरण बैंकों की स्थापना पर 80% तक अनुदान दे रही है, जिससे किसानों को ...और पढ़ें

10 लाख के उपकरण पर आठ लाख रुपये तक अनुदान। (तस्वीर: एआई जेनरेटेड)
HighLights
कृषि उपकरण बैंक पर सरकार दे रही 80% अनुदान।
छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा विशेष लाभ।
साहिबगंज में 14 समूहों को मिलेगा योजना का लक्ष्य।
संवाद सूत्र, बरहड़वा/साहिबगंज। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने व कृषि कार्य को आसान बनाने के लिए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग कृषि उपकरण बैंक की स्थापना करने जा रहा है। केंद्र प्रायोजित पीएम-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेभीवाई) के तहत सब मिशन आन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) योजना के तहत यह लाभ दिया जाएगा।
योजना के तहत स्वयं सहायता समूह, लैम्प्स/पैक्स, विलेज आर्गेनाइजेशन (वीओ), कलस्टर फेडरेशन, कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा जल उपयोग समिति कृषि उपकरण बैंक की स्थापना कर सकते हैं।
एक कृषि उपकरण बैंक के लिए कुल 10 लाख रुपये निर्धारित किया गया है, जिस पर 80 प्रतिशत यानी आठ लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद होगा, क्योंकि वे अकेले महंगे ट्रैक्टर और अन्य मशीनें खरीदने में सक्षम नहीं होते। समूह के किसान मिलकर इनका इस्तेमाल कर सकेंगे।
खेती में मशीनों के इस्तेमाल से जुताई, बुआई, कटाई और अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे किए जा सकेंगे। मजदूरों पर निर्भरता कम होने से खेती की लागत और समय दोनों में बचत हो सकती है।
साहिबगंज में 14 समूहों का लक्ष्य
जिले में टीएसपी मद में सात और ओएसपी मद में सात कुल 14 समूहों को कृषि उपकरण बैंक का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समूह में कम से कम 10 से 12 सदस्य होना आवश्यक है।
समूह के कम से कम एक सदस्य के पास ट्रैक्टर/वाहन (एलएमभी) चलाने का लाइसेंस होना चाहिए। समूह के पास कम से कम 10 एकड़ खेती योग्य भूमि होने पर उसे प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक समूहों को भूमि संरक्षण कार्यालय से संपर्क करना होगा।
35 प्रकार के कृषि यंत्र पैकेज में शामिल
कृषि उपकरण बैंक के लिए निर्धारित पैकेज में करीब 35 प्रकार के कृषि यंत्र शामिल किए गए हैं। इनमें चार डब्ल्यूडी व दो डब्ल्यूडी ट्रैक्टर, पावर हैरो, क्राप रीपर, रीजर, हाइड्रोलिक ट्राली, गाईडर, राइस ट्रांसप्लांटर, पावर वीडर, पावर टिलर, पैडी थ्रेशर, केज व्हील, कल्टीवेटर, मल्टीक्राप थ्रेशर, रोटावेटर, मिनी राइस मिल, मिनी दाल मिल, सीड ड्रिल, पावर आपरेटेड विनोवर सहित अन्य कृषि उपकरण शामिल हैं। विभाग ने योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं।
छोटे कृषि उपकरण बैंक के लिए पांच लाख तक अनुदान
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के तहत छोटे कृषि उपकरण बैंक की स्थापना के लिए किसानों व किसान समूहों से आवेदन मांगे गए हैं। साहिबगंज जिले को छोटे कृषि उपकरण बैंक की स्थापना हेतु छह एवं व्यक्तिगत प्रगतिशील कृषकों के लिए 11 का अतिरिक्त भौतिक लक्ष्य प्राप्त है।
महिला स्वयं सहायता समूह, महिला सखी मंडल, कृषक समूह, लैम्प्स/पैक्स और प्रगतिशील किसान योजना का लाभ ले सकते हैं। 6.25 लाख रुपये तक के उपकरण पैकेज पर 80 प्रतिशत यानी अधिकतम पांच लाख रुपये अनुदान मिलेगा।
योजना में मिनी ट्रैक्टर, पावर टिलर, राइस ट्रांसप्लांटर, रीपर, राइस मिल, रोटावेटर समेत 20 प्रकार के कृषि यंत्र शामिल हैं। समूह में 10-12 सदस्य और 10 एकड़ से अधिक कृषि भूमि होना जरूरी है। व्यक्तिगत किसान को दो लाख रुपये तक के उपकरण पर 1.60 लाख रुपये अनुदान मिलेगा। इसके लिए दो एकड़ भूमि जरूरी है।
