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तिलडांगा-न्यू फरक्का के बीच क्षतिग्रस्त रेल पटरी की मरम्मत पूरी, GM ने शुरू कराया ट्रेनों का परिचालन

Published: Sat, 05 Sep 2026 11:02 PM (IST)

Eastern Railway Update: मालदा डिवीजन के तिलडांगा-न्यू फरक्का स्टेशन के बीच भू धंसान से क्षतिग्रस्त रेल पटरी की मरम्मत के बाद करीब 65 घंटे बाद परिचालन बहाल हो गया।

तिलडांगा-न्यू फरक्का के बीच क्षतिग्रस्त रेल पटरी की मरम्मत के बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू करवातीं पूर्व रेलवे की जीएम गीतिका पांडेय व अन्य। (फोटो जागरण)

तिलडांगा-न्यू फरक्का के बीच क्षतिग्रस्त रेल पटरी की मरम्मत के बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू करवातीं पूर्व रेलवे की जीएम गीतिका पांडेय व अन्य। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. तिलडांगा-न्यू फरक्का ट्रैक मरम्मत कार्य शनिवार शाम पूरा।

  2. करीब 65 घंटे बाद मालदा-साहिबगंज रेलखंड पर परिचालन शुरू।

  3. पूर्व रेलवे जीएम गीतिका पांडेय ने किया निरीक्षण, संचालन बहाल।

संवाद सहयोगी, बरहड़वा (साहिबगंज)। Eastern Railway के Malda Division के तिलडांगा-न्यू फरक्का स्टेशन के बीच भू धंसान से क्षतिग्रस्त हुई रेल पटरी की मरम्मत का काम शनिवार की शाम पूरा कर लिया गया। इसके बाद ट्रैक और ओएचई की अंतिम सुरक्षा जांच की गई।

शाम करीब सात बजे पूर्व रेलवे की जीएम गीतिका पांडेय ने नारियल फोड़कर ट्रेनों का परिचालन शुरू कराया। इससे पहले पूर्व रेलवे की जीएम गीतिका पांडेय ने शनिवार को न्यू फरक्का पहुंचकर मौके पर चल रहे बहाली कार्य का जायजा लिया।

उन्होंने प्रधान मुख्य अभियंता विक्रम गुप्ता, प्रधान मुख्य इंजीनियर राघवेंद्र सारस्वत, वरिष्ठ अधिकारियों, अभियंताओं और मालदा मंडल की टीम के साथ प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने कार्य कर रहे मजदूरों की हौसला अफजाई की।

महाप्रबंधक ने ट्रैक, ओएचई और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की स्थिति की स्वयं समीक्षा की और सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अप लाइन पर ओएचई निरीक्षण कार का सफल ट्रायल रन कराया गया।

निरीक्षण कार सुरक्षित तरीके से बहाल ट्रैक से गुजरी। इसके अलावा डाउन लाइन से मालगाड़ी का भी सुरक्षित परिचालन कराया गया।

तीसरे दिन भी रद रही ट्रेनें

भू धंसान से तिलडांगा-न्यू फरक्का स्टेशन के बीच तीसरे दिन भी परिचालन प्रभावित रही। शनिवार को भी मालदा-आजिमगंज पैसेंजर, मालदा टाउन-साहिबगंज मेमू, साहिबगंज-आजिमगंज मेमू, भागलपुर-आजिमगंज पैसेंजर, साहिबगंज-मालदा टाउन मेमू, आजिमगंज-साहिबगंज मेमू, आजिमगंज-बरहड़वा पैसेंजर व आजिमगंज-भागलपुर पैसेंजर को रद कर दिया गया।

साहिबगंज के रास्ते चलने वाली मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस, भटिंडा-बालूरघाट एक्सप्रेस व उधना-मालदा टाउन एक्सप्रेस को कटिहार के रास्ते चलाया गया। पाकुड़-हावड़ा लाइन की ट्रेनों को न्यू फरक्का, आजिमगंज, कटवा-बंडेल के रास्ते चलाया गया।

गौरतलब है कि बुधवार की रात करीब एक बजे से इस लाइन पर यातायात प्रभावित है। रात में पेट्रोलिंग कर रहे कर्मियों ने तिलडांगा-न्यू फरक्का स्टेशन के बीच अप लाइन पर भू धंसान को देखा। इसके बाद इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था। प्रारंभ में भू धंसान काफी कम था लेकिन गुरुवार की रात करीब 80 मीटर लंबाई में दो मीटर तक मिट्टी धंस गयी। 

ट्रैक दुरुस्त करने में दिन-रात जुटे मजदूर

तीन दिनों से लगातार चल रहे ट्रैक मरम्मत कार्य ने मजदूरों की भी परीक्षा ले ली। उमस भरी गर्मी, पसीने से तर-बतर शरीर और लगातार काम के बावजूद इनके कदम नहीं रुके। ट्रेनों का परिचालन जल्द से जल्द सामान्य हो और यात्रियों की परेशानी खत्म हो, इसके लिए मजदूर अलग-अलग शिफ्ट में दिन-रात ट्रैक को दुरुस्त करने में जुटे रहे।

शुक्रवार की रात मरम्मत स्थल पर थकान का ऐसा मंजर दिखा, जिसने इन मजदूरों की मेहनत को बयां कर दिया। लगातार काम करने के बाद कुछ मजदूर पटरी के किनारे ही लेट गए। शरीर इतना थक चुका था कि बिस्तर की जरूरत भी महसूस नहीं हुई और पटरी के किनारे जमीन पर ही आंख लग गई।

कुछ देर की यह नींद उनके लिए आराम से ज्यादा तीन दिनों की अथक मेहनत का परिणाम थी। एक ओर ट्रैक पर मशीनों की आवाज और मरम्मत कार्य जारी था, तो दूसरी ओर कुछ मजदूर चंद पल के लिए थकान मिटाने में जुटे थे।

उमस और गर्मी के बीच पसीना बहाकर काम कर रहे इन मजदूरों का एक ही लक्ष्य था-ट्रैक को सुरक्षित बनाना और ट्रेनों का परिचालन जल्द सामान्य कराना। यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए इन मजदूरों ने अपनी नींद और आराम तक को पीछे छोड़ दिया।