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    Sahibganj में खत्म हुआ मदारी का खेल, वन विभाग के हाथ आया भालू

    By Navanit Kumar Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Wed, 17 Dec 2025 07:10 PM (IST)

    Bear Rescued from Madari: साहिबगंज में वन विभाग ने एक मदारी के कब्जे से भालू को बचाया। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भालू को मदारी से मु ...और पढ़ें

    भालू का खेल दिखाता मदारी और दर्शक। ( प्रतीकात्मक फोटो)

    भालू का खेल दिखाता मदारी और दर्शक। ( प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. तालझारी में वन विभाग ने मदारी से भालू को बचाया

    2. मदारी से छुड़ाया गया भालू स्लॉथ नस्ल का

    3. भालू एक संरक्षित वन्यजीव है

    जागरण संवाददाता, तालझारी (साहिबगंज)। झारखंड के साहिबगंज जिले के तालझारी इलाके में वर्षों पुरानी एक क्रूर परंपरा पर बुधवार को वन विभाग ने करारा प्रहार किया। रोज की तरह मदारी इलाके में घूम-घूमकर भालू का खेल दिखा रहा था, लेकिन इस बार उसका खेल ज्यादा देर नहीं चल सका। सूचना के आधार पर पहुंची वन विभाग की टीम ने स्लॉथ भालू (रीछ) को जब्त कर लिया, जबकि मदारी मौके से फरार हो गया।

    Bear

    मदारी से छुड़ाए गए भालू के साथ वन विभाग की टीम

    मामला तालझारी वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत बरहड़वा प्रखंड के बांसकोला गांव का है। सूचना मिली थी कि एक मदारी भालू को पकड़कर लोगों के मनोरंजन के लिए इस्तेमाल कर रहा है। सूचना मिलते ही क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे के नेतृत्व में वन पाल राणा रंजीत चौधरी, वनरक्षी पप्पू कुमार यादव, राजेश टुडू और सन्नी रजक की टीम मौके पर पहुंची। वन कर्मियों को देखते ही मदारी भालू को छोड़कर भाग खड़ा हुआ।

    वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भालू को सुरक्षित रेस्क्यू कर वन कार्यालय तालझारी लाया। फिलहाल उसे पिंजरे में रखा गया है और उसकी स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है। वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग ने बताया कि रेस्क्यू किए गए भालू को पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद सुरक्षित पुनर्वास के लिए उपयुक्त केंद्र में भेजा जाएगा।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फरार मदारी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। उसके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। श्री गर्ग ने कहा कि भालू को बांधकर रखना या मनोरंजन के लिए उसका इस्तेमाल करना गंभीर अपराध है।

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    भालू एक संरक्षित वन्यजीव है और किसी भी व्यक्ति को उसे पकड़ने, कैद में रखने या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। ऐसा करने पर जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है।

    वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के साथ अवैध गतिविधि, बंधक बनाना या शिकार की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर वन्यजीवों को सुरक्षित किया जा सके।