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साहिबगंज सदर अस्पताल में DC का औचक निरीक्षण, ड्यूटी से गायब मिले DS; सूचना मिलते ही भागे-भागे पहुंचे

Published: Sun, 23 Aug 2026 04:39 PM (IST)

साहिबगंज उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने सदर अस्पताल, गंगा घाटों और एक स्कूल का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में डीएस ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय, पोखरिया के निरीक्षण के दौरान छात्राओं के साथ मध्याह्न भोजन करते उपायुक्त दीपक दुबे। (फोटो जागरण)

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय, पोखरिया के निरीक्षण के दौरान छात्राओं के साथ मध्याह्न भोजन करते उपायुक्त दीपक दुबे। (फोटो जागरण)

जागरण संवाददाता, साहिबगंज। सदर अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब साहिबगंज के उपायुक्त दीपक कुमार दुबे अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। उपायुक्त के औचक निरीक्षण में अस्पताल के डीएस डा. देवेश कुमार ड्यूटी आवर में अनुपस्थित मिले। डीएस की गैरहाजिरी को उपायुक्त ने गंभीरता से लिया है।

उपायुक्त को पहले से ही डीएस के नियमित रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायतें मिल रही थीं। यह भी बताया जा रहा है कि सप्ताह में एक दिन मंगलवार को निर्धारित ओपीडी में भी उनकी उपस्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

इसी बीच शनिवार को डीसी के सदर अस्पताल पहुंचने की सूचना मिलने पर डीएस को किसी शुभचिंतक ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद वे अपने निजी क्लिनिक सह आवास से आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे और उपायुक्त के निरीक्षण के दौरान शामिल हुए। 

औचक निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया और भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत जानी। उन्होंने एक-एक मरीज से पूछा कि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी कितनी नियमितता से उनकी जांच करने पहुंचते हैं।

साथ ही समय पर दवा और उपचार मिलने तथा चिकित्सकों के नियमित रूप से वार्ड में पहुंचकर मरीजों की जांच करने की जानकारी भी ली।

उपायुक्त ने अस्पताल की साफ-सफाई और मरीजों के बेड की व्यवस्था का भी जायजा लिया। डीसी के इस औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य कर्मियों में पूरे दिन हलचल बनी रही।

संभावित बाढ़ से निपटने को प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने शनिवार को विभिन्न गंगा घाटों का औचक निरीक्षण कर जमीनी स्तर पर बाढ़ पूर्व तैयारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने ठाकुरबाड़ी घाट, पुरानी साहिबगंज एवं शकुंतला सहाय घाट सहित विभिन्न घाटों का भ्रमण किया। उन्होंने घाटों पर जलस्तर की स्थिति, आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में आमजनों की सुरक्षा एवं राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की।

उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि गंगा के जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को पूरी तरह तैयार रखें।

उन्होंने अपर समाहर्ता एवं अंचलाधिकारी सदर को तत्काल साहिबगंज नगर क्षेत्र अंतर्गत प्रभावित लोगों हेतु विभिन्न परिसर, वाटरप्रूफ टेंट पेयजल एवं खाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया साथ ही प्रभावित मवेशियों हेतु चारे का प्रबंध करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए पूर्व तैयारी ही सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करें। 

उपायुक्त ने छात्राओं के साथ किया मध्यान्ह भोजन

उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने मुख्यमंत्री उत्कृष्ट कन्या प्लस टू उच्च विद्यालय, पोखरिया का किया औचक निरीक्षण किया। उपायुक्त ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, विद्यार्थियों की उपस्थिति, आधारभूत संरचना एवं विद्यालयी व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया तथा आवश्यक सुधार हेतु दिशा-निर्देश देना था।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालय के शिक्षको एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पंजी, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पुस्तकालय, कक्षाओं, कंप्यूटर कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों एवं विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा संबंधित पदाधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उपायुक्त ने प्रत्येक कक्षा में जाकर छात्राओं से सीधे संवाद किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालय की मध्यान्ह भोजन व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं के साथ स्वयं मध्यान्ह भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्था को करीब से देखा। उन्होंने प्रधानाध्यापिका को स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को प्रत्येक दिन निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं स्वच्छ मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाए।