साहिबगंज में 61.58 करोड़ से चौड़ी होगी दिग्घी-रिसौड़ सड़क, 9 मौजा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
साहिबगंज में दिग्घी मोड़ से रिसौड़ मोड़ तक 8 किलोमीटर लंबी सड़क का 61.58 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड तस्वीर
HighLights
दिग्घी-रिसौड़ सड़क 61.58 करोड़ रुपये से होगी चौड़ी।
9 मौजा में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया हुई तेज।
सड़क बनने से क्षेत्र में विकास को मिलेगी गति।
प्रेम कुमार मंडल, पतना(साहिबगंज)। पतना और बरहड़वा क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना इंतजार अब खत्म होने वाला है। दिग्घी मोड़ से श्रीरामपुर,मालिन,अढ़ाईटिकर,सातगाछी होते हुए रिसौड़ मोड़ तक की जर्जर और संकरी सड़क जल्द ही आधुनिक और चौड़ी बनने जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट से मंजूरी के बाद करीब आठ किलोमीटर इस सड़क को चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट से 61.58 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद पथ निर्माण विभाग ने रफ्तार पकड़ ली है।
आठ दिसंबर 2025 को मिली स्वीकृति के बाद ग्रामीण कार्य विभाग से यह सड़क पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दी गई थी, अब डीपीआर बनने के पांच महीने बाद काम जमीन पर दिखने लगेगा।
अधिग्रहण क्षेत्र में पतना का एक बरहड़वा का आठ मौजा
सड़क के दायरे में आने वाली पतना अंचल के एक व बरहड़वा अंचल के आठ मौजा के जमीन अधिग्रहण में आएगा। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। सड़क चौड़ीकरण में बरहड़वा अंचल के श्रीरामपुर,मालिन,अढ़ाईटिकर,सातगाछी, माधोपाड़ा,ग्रामसीर,रानीग्रम,रिसौड़ एवं पतना अंचल के बड़ा दिग्घी मौजा शामिल है।
इस सड़क के दायरे में दोनों ओर पड़ने वाले कुल नौ मौजा की मकान,दुकान,व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कृषि योग्य भूमि आएगी।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी रफ्तार
इस सड़क के चौड़ीकरण होने से मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होने के साथ साथ बड़ी गाड़ियों के आवागमन सुगम होगा। स्कूली बच्चे,किसान,व्यापारी और आम लोग रोज इस सड़क से गुजरते हैं। सड़क बनने से न सिर्फ समय की बचत होगी,बल्कि क्षेत्र में व्यापार और कृषि उत्पादों की आवाजाही भी आसान होगी।
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दिग्घी मोड़ से मालिन,सातगाछी होते हुए रिसौड़ मोड़ सड़क चौड़ीकरण के बाद यह दूरी घटकर सिर्फ आठ किलोमीटर रह जाएगी। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई करीब 12 फीट है।अंचल अधिकारियों के अनुसार सड़क के दोनों ओर करीब 30-40 फीट भूमि अधिग्रहण का कार्य हो रहा है। अब नई सड़क करीब 90-100 फीट चौड़ी होगी।
मेरे साथ कई अन्य शिक्षक प्रतिदिन फरक्का से आते हैं। इस सड़क के बनने से स्कूल समय पर पहुंचेंगे। बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होगा। इलाके की शिक्षा व्यवस्था भी सुधरेगी। इस सड़क को बनाने की पहल कई सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा मांग किया जाता था। क्षेत्र के विधायक व सभी के सहयोग से पहल रंग लाया है। निश्चित रुप से सड़क बन जाने के बाद विकास का मार्ग खुलेगा।- ताजमूल हक,शिक्षक, पतना
फरक्का जाने में अभी किसी भी मरीज को काफी समय लगता है। सड़क इतना खराब है कि मरीज की जान चली जाएगी। सड़क में इतना गड्ढा है कि बरसात के दिनों में और अधिक परेशानी होती है। मरीज का जाने बचाने के लिए एंबुलेंस चालक व स्वजन इस रास्ते से जाना पड़ता है। लेकिन जैसा सुना है कि अब इस सड़क का भाग्य चमकने वाला है ऐसे में यहां के लोगों को काफी राहत मिलेगी।-हसनाथ शेख,स्थानीय
प्रत्येक दिन ट्रक लेकर इस रास्ते से आना पड़ता है। यदि यह सड़क बन जाता है को जल्दी से अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच सकते है। 11 की जगह 8 किमी दूरी कम होने पर प्रत्येक दिन छह किमी की बचत और महीने की 180 किमी की बचत होगी। इससे करीब 9000 रुपये की डीजल बचेगा। ऊपर से प्रत्येक दिन 200 रुपये नगर पंचायत टोल टैक्स भी बचेगा। ट्रक मालिक के लिए यह सड़क काफी लाभकारी सिद्ध होगा।-नसीम शेख,ट्रक मालिक
तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के विशेष प्रयासों से क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना अब जमीन पर उतरने को तैयार है। आलमगीर आलम की अनुशंसा के बाद ही राज्य कैबिनेट ने इस अहम सड़क निर्माण को स्वीकृति दी थी।यह सड़क सिर्फ पत्थर-गिट्टी का काम नहीं,बल्कि विकास की नई लकीर खींचेगी। इसके बनने से झारखंड,बिहार,पश्चिम बंगाल आदि राज्यों व्यापार बढ़ेंगे।स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे और बरसात में लोगों को राहत मिलेगी।- निसात आलम,विधायक,पाकुड़ विधानसभा