Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गुरुवार को साहिबगंज से लापता हुए दो सगे भाई, शुक्रवार सुबह गंगा में मिली लाशें

    Updated: Fri, 13 Mar 2026 09:59 AM (IST)

    साहिबगंज के राजमहल थाना क्षेत्र से गुरुवार को लापता हुए आठ वर्षीय आर्यन और छह वर्षीय राघव के शव शुक्रवार सुबह गंगा नदी से बरामद हुए। बच्चों के चप्पल औ ...और पढ़ें

    साहिबगंज में लापता दो सगे भाइयों के शव गंगा नदी में मिले, गांव में पसरा मातम।

    साहिबगंज में लापता दो सगे भाइयों के शव गंगा नदी में मिले, गांव में पसरा मातम।

    HighLights

    1. राजमहल से लापता हुए दो सगे भाइयों के शव मिले।

    2. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी।

    संवाद सूत्र, तालझारी (साहिबगंज)। राजमहल थाना क्षेत्र के सरकंडा निवासी सेंटू चौरसिया के दो पुत्र—आठ वर्षीय आर्यन कुमार और छह वर्षीय राघव कुमारका शव शुक्रवार सुबह गंगा नदी से बरामद किया गया। दोनों बच्चे गुरुवार दोपहर से घर से लापता थे।

    शुक्रवार सुबह नदी में शव मिलने की सूचना मिलते ही गंगा तट पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलने पर राजमहल थाना के एएसआई सिकंदर तिर्की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    बच्चों की मां प्रियंका देवी ने बताया कि उनके दोनों बेटे गुरुवार दोपहर से घर पर नहीं थे। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद दोनों बच्चों का पता नहीं चल सका।

    इसी दौरान शाम करीब छह बजे एक व्यक्ति ने गंगा नदी के किनारे बच्चों की चप्पल और कपड़े मिलने की सूचना दी। कपड़ों की पहचान करने के बाद थाना प्रभारी हसनैन अंसारी की मौजूदगी में नदी में मछली पकड़ने के जाल की मदद से रात भर तलाश की गई, लेकिन अंधेरा होने के कारण शव नहीं मिल सका।

    शुक्रवार सुबह गंगा नदी में एक बच्चे का शव पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी तट पर पहुंच गए। इसके बाद गोताखोरों की मदद से दूसरे बच्चे की भी तलाश की गई और कुछ ही देर में उसका शव भी नदी से बाहर निकाल लिया गया।

    दोनों बच्चों के शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां प्रियंका देवी और नानी बच्चों के शव से लिपटकर विलाप करने लगीं और बार-बार बेहोश हो जाती थीं। परिवार के अन्य सदस्य उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    यह भी पढ़ें- छात्राओं को विशेष छात्रवृत्ति, मंत्री-विधायक को IAS जैसी स्वास्थ्य सुविधा; झारखंड कैबिनेट में 40 प्रस्ताव मंजूर