राजनगर: हादसों का 'हॉटस्पॉट' बना लेकड़ाकोचा मोड़, एक ही दिन में पलटे लोहे से लदे दो ट्रेलर
राजनगर के NH-220 पर लेकड़ाकोचा मोड़ हादसों का केंद्र बन गया है, जिसे 'मौत का मोड़' कहा जा रहा है। हाल ही में एक ही दिन में लोहे से लदे दो ट्रेलर अनियं ...और पढ़ें

हादसों का हॉटस्पॉट बना लेकड़ाकोचा मोड़
HighLights
लेकड़ाकोचा मोड़ पर एक दिन में दो ट्रेलर पलटे।
स्थानीय लोग प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं।
मोड़ को चौड़ा करने और सुरक्षा उपाय की मांग।
संवाद सूत्र, राजनगर। राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-220 का लेकड़ाकोचा मोड़ इन दिनों हादसों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। यह तीखा मोड़ अब लोगों के बीच ‘मौत का मोड़’ के नाम से चर्चित हो चुका है। जहां जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन रही है।
गुरुवार को इस खतरनाक मोड़ पर एक ही दिन में दो भारी ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गए। दोनों ट्रेलरों में आयरन के गोल दाने (आयरन ओर पेलेट्स) लदे हुए थे। गनीमत रही कि इतनी भीषण दुर्घटनाओं के बावजूद दोनों चालकों की जान बच गई और वे सुरक्षित बाहर निकल आए।
मोड़ पर सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं
घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद कुछ देर तक मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का कहना है कि पिछले एक वर्ष में इस मोड़ पर सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं।
बावजूद इसके न तो सड़क की बनावट में कोई सुधार किया गया है और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। लोगों का आरोप है कि यह मोड़ इतना तीखा और खतरनाक है कि तेज रफ्तार या भारी वाहन चालक नियंत्रण खो बैठते हैं, जिससे बार-बार हादसे हो रहे हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद अब प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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मोड़ को जल्द से जल्द चौड़ा करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इस मोड़ पर बार-बार हादसे हो रहे हैं, तो आखिर इसे सुरक्षित बनाने के लिए अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए। ग्रामीणों और आम राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि लेकड़ाकोचा मोड़ को जल्द से जल्द चौड़ा और सीधा किया जाए।
साथ ही चेतावनी संकेत, स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके।