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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Saraikela Vidhan Sabha Result 2024: चंपई सोरेन ने गणेश महली को दी पटकनी, सरायकेला सीट पर दर्ज की बड़ी जीत

    Updated: Sat, 23 Nov 2024 05:46 PM (IST)

    झारखंड में सरायकेला सीट पर दिनभर कांटे का मुकाबला रहा। लेकिन आखिर में भाजपा के चंपई सोरेन ने जीत दर्ज कर ली। उनके सामने चुनावी मैदान में उतरे झामुमो क ...और पढ़ें

    चंपई सोरेन और गणेश महली (जागरण फोटो)
    चंपई सोरेन और गणेश महली (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. सरायकेला सीट पर चंपई सोरेन ने 20 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की।
    2. झामुमो के गणेश महली 98932 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे हैं।

    डिजिटल डेस्क, रांची। Saraikela Election Result 2024: झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में सरायकेला भी शामिल है। इस सीट पर सभी 16 राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है। यहां से भाजपा के चंपई सोरेन ने बड़ी जीत दर्ज की है।

    बता दें कि चंपई सोरेन ने 11937924 वोट लेकर करीब 20 हजार वोटों से झामुमो के गणेश महली को हरा दिया है। गणेश महली को टोटल 98932 मत मिले हैं। वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रेम मार्डी को 40056 वोट मिले हैं।

    वहीं, चंपई सोरेन की जीत से उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई है।

    भाजपा ने झामुमो को हमेशा टक्‍कर तो दी, लेकिन...

    सिंहभूम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्‍सा इस विधानसभा सीट पर शुरू से ही झारखंड मुक्ति मोर्चा का दबदबा रहा है। यहां पर भाजपा ने झामुमो को हमेशा टक्‍कर तो दी, लेकिन कभी चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सकी।

    चंपाई सोरेन को कोई नहीं हरा सका

    2005 में हुए चुनाव में झामुमो के करिश्‍माई नेता चंपाई सोरेन (Champai Soren) विधायक चुने गए। वह अगले तीन चुनावों 2009, 2014 और 2019 में भी यहां से विधायक बने। झारखंड विधानसभा के लिए जब से इस सीट पर चुनाव हो रहे हैं। चंपाई सोरेन को कोई नहीं हरा सका है। हालांकि, इस बार चंपई सोरेन इसी सीट से लड़ रहे हैं लेकिन इस बार वह BJP से लड़ रहे हैं।

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    चंपई सोरेन के खिलाफ झामुमो के गणेश महली मैदान में

    भाजपा के चंपई सोरेन के खिलाफ इस बार झामुमो के गणेश महली (Ganesh Mahali) मैदान में हैं। अब देखने वाली बात है कि सरायकेला में बाजी पलटती है या चंपई सोरेन अपनी सीट को बचा ले जाते हैं। बता दें कि सीएम की कुर्सी से उतारे जाने के बाद चंपई सोरेन ने हेमंत सोरेन के साथ बगावत कर दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे।

    2001 में सरायकेला खरसावन को स्‍वतंत्र जिला घोषित किया गया

    सरायकेला खरसावन जिले का मुख्‍यालय इसी क्षेत्र में होने के चलते विभिन्‍न दलों की राजनीतिक गतिविधियां यहीं से संचालित होती हैं। पहले यह हिस्‍सा पश्चिमी सिंहभूम जिले में आता था। 2001 में सरायकेला खरसावन को स्‍वतंत्र जिला घोषित किया गया। करीब 300 साल पहले इस इलाके में सेराईकेला राजवंश के सिंह देव का शासन था उस दौरान की कुछ इमारतें आज भी इस इलाके में अपने गौरवशाली इतिहास को बयान करने के लिए मौजूद हैं।

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