झारखंड के सरायकेला में बाढ़ का अलर्ट: उफान पर खरकाई और संजय नदी, मंदिर से लेकर पुलिया तक सब जलमग्न
सरायकेला में दो दिनों की लगातार बारिश से खरकाई और संजय नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, ...और पढ़ें

उफान पर खरकाई और संजय नदी, मंदिर से लेकर पुलिया तक सब जलमग्न
HighLights
खरकाई और संजय नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
सरायकेला के कई मंदिर, बस स्टैंड और पुलिया जलमग्न हुए।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
जागरण संवाददाता, सरायकेला। जिले में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण खरकाई और संजय नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जलस्तर बढ़ने से सरायकेला शहर और नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग भयभीत हैं और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। खरकाई नदी के बढ़े जलस्तर के कारण मजनाघाट के समीप स्थित पंचमुखी मंदिर, झूमकेश्वरी मंदिर और आसपास का पूरा क्षेत्र पानी में डूब गया है।

मंदिर परिसर में पानी भरने से श्रद्धालुओं का आवागमन प्रभावित हुआ है। नदी किनारे स्थित सरायकेला महिला महाविद्यालय बस स्टैंड, श्मशान घाट तथा पार्क भी जलमग्न हो गए हैं। पार्क में पानी भर जाने से वहां लगी संरचनाओं और अन्य परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

उधर, संजय नदी का जलस्तर बढ़ने से सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर खापरसाईं के समीप स्थित पुरानी पुलिया पूरी तरह डूब गयी है। पुलिया के ऊपर करीब पांच फीट पानी बह रहा है। पानी का तेज बहाव होने के कारण पुलिया से होकर आवागमन करना जोखिम भरा हो गया है। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे आसपास के कई निचले इलाकों में पानी घुसने की आशंका है। नदी तट पर बसे परिवार अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। कई लोग बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं।

नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहे हैं। लोगों से अपील की गयी है कि वे डूबी हुई पुलिया, नदी घाट और जलमग्न क्षेत्रों में जाने से बचें। ग्रामीणों को विशेष रूप से बच्चों को नदी और तेज बहाव वाले पानी से दूर रखने की सलाह दी गयी है।
प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने को कहा गया है।

दूसरी ओर सरायकेला के स्थानीय लोग नदी के बहाव को देखने के लिए नदी किनारे पहुंच रहे हैं। वहीं, मंदिर परिसर पूरी तरह से पानी में डूब गया है। लोग मंदिर तक जा रहे हैं और पानी के तेज बहाव को अपने मोबाइल में कैद कर रहे हैं।
