मां के श्राद्ध कर्म में बरपा आकाशीय कहर: वज्रपात से 10 साल की बेटी और युवक की मौत, 1.5 घंटे लेट पहुंची एम्बुलेंस
सरायकेला के नुआगुड़ा गांव में वज्रपात से 10 वर्षीय बच्ची और 32 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। ...और पढ़ें

आकाशीय बिजली की प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
10 वर्षीय बच्ची और 32 वर्षीय युवक की वज्रपात से मौत।
श्राद्ध कर्म के दौरान हुआ हादसा, पांच अन्य घायल।
एम्बुलेंस डेढ़ घंटे देरी से पहुंची, ग्रामीणों ने लगाया आरोप।
जागरण संवाददाता, सरायकेला। सरायकेला थाना क्षेत्र की मुड़कुम पंचायत अंतर्गत नुआगुड़ा गांव में रविवार शाम लचर स्वास्थ्य व्यवस्था ने दो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया।
गांव में हुए भीषण वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्ची रौशनी सुरेन और 32 वर्षीय युवक सोनू सरदार की मौत हो गई।
वहीं, इस हादसे में एक ही परिवार व गांव के पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि अगर एम्बुलेंस समय पर आ जाती, तो दोनों मृतकों की जान बचाई जा सकती थी।
श्राद्ध कर्म के दौरान अचानक गिरा आकाशीय कहर
ग्रामीणों के अनुसार, नुआगुड़ा गांव में मृतका रौशनी सुरेन की मां सरस्वती सुरेन का श्राद्ध कर्म चल रहा था, जिसमें काफी संख्या में ग्रामीण जुटे थे। रविवार शाम करीब 4:30 बजे अचानक तेज बारिश के साथ भीषण वज्रपात हुआ।
बिजली गिरते ही कार्यक्रम में मौजूद 7 लोग अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। वज्रपात के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
देसी जुगाड़ से बचाने की कोशिश, तड़पती रहीं सांसें
- गोबर लगाकर बचाने का प्रयास: बिजली कड़कने के बाद जब स्थिति शांत हुई, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार मूर्छित सातों लोगों के शरीर पर तुरंत गोबर लगाना शुरू किया।
- उखड़ती रहीं सांसें: ग्रामीणों ने बताया कि गोबर लगाने के दौरान रौशनी और सोनू सरदार की सांसें चल रही थीं। वे लगातार एम्बुलेंस को फोन कर रहे थे, लेकिन एम्बुलेंस शाम करीब 6:00 बजे (हादसे के डेढ़ घंटे बाद) गांव पहुंची।
- रास्ते में तोड़ा दम: एम्बुलेंस आते ही सभी घायलों को सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में रौशनी और सोनू ने दम तोड़ दिया। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे अन्य 5 ग्रामीणों का इलाज फिलहाल सरायकेला सदर अस्पताल में चल रहा है। घायलों में मालती सुरेन (6), सोनामाई सुरेन (12), सुनील गागराई (18), बेबी सुरेन (40) और राधी सुरेन (35) शामिल हैं।