सरायकेला के 1082 स्कूलों में सुरक्षा राम भरोसे: बिना चारदीवारी पढ़ रहे बच्चे, मवेशी और आवारा कुत्तों का मंडरा रहा खतरा
सरायकेला-खरसावां जिले के 1082 स्कूलों में चारदीवारी न होने से बच्चों की सुरक्षा खतरे में है, जहां आवारा पशु और जहरीले जीव परिसर में घुस आते हैं। ...और पढ़ें

स्कूल की प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
आवारा पशु, सांप-बिच्छू से बच्चों की सुरक्षा खतरे में।
शाम को स्कूल परिसर बनते हैं असामाजिक तत्वों का अड्डा।
जिले के 76% से अधिक स्कूल असुरक्षित
शाम ढलते ही शराबियों का अड्डा बनते हैं स्कूल परिसर
बारिश के मौसम में जहरीले जीवों का बना रहता है खौफ
नई शिक्षा नीति में सुरक्षित वातावरण पर जोर दिया गया है। बिना चारदीवारी के स्कूल चलाना इस नीति के विपरीत है। यदि समय रहते बाउंड्री वॉल नहीं बनी, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ललित चौधरी, अभिभावक
बच्चे पढ़ने जाते हैं, लेकिन सुरक्षा के बिना हर दिन अनहोनी का डर बना रहता है। चारदीवारी बनने से सुरक्षा के साथ-साथ असामाजिक गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी।
सुमित चौधरी, अभिभावक
जिले भर के स्कूल प्रबंधकों से स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। विद्यालयों में चारदीवारी के लिए फंड राज्य स्तर से आता है। प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा जा रहा है।
अमित कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां