पानी के टैंकर में सो रहे थे कर्मी, नक्सलियों ने लगा दी आग; PLFI ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के कैंप को बनाया निशाना
सिमडेगा के जलडेगा में पीएलएफआई ने गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले एक निर्माण कंपनी के कैंप पर हमला किया। उग्रवादियों ने जेसीबी और पानी के टैंकर में आग लगा ...और पढ़ें

नक्सलियों ने लगा दी आग
HighLights
पीएलएफआई ने सिमडेगा में निर्माण कंपनी के कैंप पर हमला किया।
जेसीबी और पानी के टैंकर में आग लगाने की कोशिश की।
कर्मचारियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
संवाद सूत्र, जलडेगा(सिमडेगा)। पीएलएफआई ने गणतंत्र दिवस से एक दिन पूर्व रात्रि पोस्टरबाजी व आगजनी की कोशिश कर क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश की है। जलडेगा थाना क्षेत्र के कारीमाटी गांव में रविवार की देर रात प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
उग्रवादियों ने लचरागढ़ – बाड़ी ब्रिंगा सडक निर्माण कार्य में लगी एसआरएमवी कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट को निशाना बनाते हुए पोस्टरबाजी के साथ आगजनी की वारदात को अंजाम दिया।
जेसीबी मशीन में उग्रवादियों ने आग लगाई
मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 1:30 बजे के बीच निर्माण स्थल के कैम्प में खड़ी जेसीबी मशीन और पानी के टैंकर में उग्रवादियों ने आग लगा दी गई। घटना के समय पानी के टैंकर के भीतर दो कर्मी सो रहे थे। अचानक उठे धुएं और आग की गंध से उनकी नींद खुली, तो उन्होंने देखा कि टैंकर और सामने खड़ी जेसीबी धूं-धूं कर जल रही है।
कर्मियों की सतर्कता से तत्काल प्रयास कर आग पर काबू पा लिया गया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही जलडेगा थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
थाना में लिखित आवेदन दिया गया
पुलिस ने उग्रवादियों द्वारा चिपकाये गये पोस्टरों को जब्त कर अपने साथ ले गयी। कंपनी की ओर से थाना में लिखित आवेदन दिया गया है, जिसके आधार पर कांड संख्या 05/26 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
खबरें और भी
पीएलएफआई उग्रवादियों द्वारा जोनल कमांडर शेखर के नाम से ठेकेदारों और व्यापारियों को चेतावनी दी गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि लंबे समय बाद जलडेगा क्षेत्र में पीएलएफआई की सक्रियता सामने आई है। फिलहाल पुलिस द्वारा इलाके में सघन छापामारी अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक उग्रवादियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
सुरक्षा में लापरवाही पड़ी भारी, नहीं लगे थे सीसीटीवी
गौरतलब है कि निर्माण स्थल के कैंप में महंगी मशीनें और उपकरण रखे जाते हैं। सुरक्षा को लेकर पुलिस ने पहले ही कैम्प में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था, लेकिन कंपनी द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। कैंप की सुरक्षा में कैमरे नहीं होने का फायदा उग्रवादियों ने उठाया, जिससे यह घटना संभव हो सकी।
इस मामले में एसपी श्रीकांत एस खोटरे ने कहा कि मामले की सूचना मिलते ही संबंधित थानाप्रभारी को जांच हेतू निर्देशित किया गया है। यह कह पाना अभी मुश्किल है कि यह पीएलएफआई के द्वारा किया गया है, हो सकता है किसी अपराधी द्वारा लेवी के उद्देश्य से यह घटना की गयी हो। सारी बातें जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।