यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चाईबासा में नक्सलियों की दहशतगर्दी, जवानों के लिए बिछाया IED का जाल, चपेट में आकर एक ग्रामीण की मौत
चाईबासा में पुलिस और सुरक्षा बलों के द्वारा नक्सल विरोधी अभियान जारी है। ऐसे में बौखलाए नक्सली लगातार सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों को अपने निशाने प ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, चाईबासा। नक्सलियों द्वारा कोल्हान के जंगल में लगाये गये आइइडी बम की चपेट में आने से एक और व्यक्ति की मौत हो गई है। बीते एक माह के अंदर यह तीसरी घटना है जिसमें नक्सली द्वारा जंगल में लगाये गये आइइडी की चपेट में आने से किसी की मौत हुई है। गोईलकेरा थानान्तर्गत ग्राम मेरालगढ़ा के आस-पास जंगल में एक आइइडी बम विस्फोट की चपेट में आने से ग्राम मेरालगढ़ा के निवासी हरीश चंद्र गोप उम्र लगभग 23 वर्ष की मृत्यु हो गई है।
पुलिस एवं सुरक्षा बलों ने प्रकट की गहरी संवेदना
इस संबंध में जानकारी देते हुए एसपी आशुतोष शेखर ने कहा कि हरीश मंगलवार सुबह लकड़ी चुनने के लिए जंगल की ओर गये हुए थे। घटना की सूचना प्राप्त होते ही चाईबासा पुलिस के द्वारा कोबरा 203 बटालियन, सीआरपीएफ 60 बटालियन एवं झारखण्ड जगुआर के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मृत व्यक्ति हरीश चंद्र गोप को ग्रामीणों के सहयोग से घटना स्थल से निकाला गया। इस पूरे घटना क्रम को लेकर चाईबासा पुलिस एवं सभी सुरक्षा बल ने गहरी संवेदना प्रकट की है।
पुलिस ने नक्सलियों की हरकत को माना कायराना
एसपी ने कहा कि पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा कोल्हान क्षेत्र में लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियान के कारण सुरक्षा बलों को क्षति पहुंचाने के लिए नक्सलियों के द्वारा आइइडी का प्रयोग किया जा रहा है। आइइडी विस्फोट में ग्रामीणों को लक्षित कर उन्हें मौत के घाट उतारना, घायल करना नक्सलियों का एक कायराना हरकत है। झारखण्ड पुलिस आम जनता की सेवा में सदैव तत्पर है और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सघन नक्सल विरोधी अभियान का संचालन जारी रहेगा।
माओवादियों ने सड़क पर पेड़ काट कर पोस्टर-बैनर लगाया
एसपी ने कहा कि सुरक्षा बलों की ओर से चलाये जा रहे नक्सल अभियान के विरुद्ध सोमवार देर रात गोईलकेरा थानान्तर्गत ग्राम आराहासा मार्ग पर माओवादियों ने सड़क जाम करने के लिए रात्रि में एक पेड़ को काट कर गिरा दिया था। साथ ही पेड़ पर बैनर और पोस्टर लगा दिया था। यह स्थान रेंगरबेरा गांव के पास है।
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साथ ही मुख्य सड़क इचाहातु में कुछ तार व बक्सा पड़ा हुआ मिला था। इसमें आइइडी होने की सूचना थी, लेकिन पुलिस के जांच में कोई आइइडी नहीं मिला। यह स्थान इचाहातु कुईड़ा और सोयतबा सीआरपीएफ कैंप के बीच में है। उक्त सूचना पर सुरक्षा बलों के द्वारा अग्रतर कार्रवाई करते हुए दोनों मार्ग से अवरोधक को कटा दिया गया है।