यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election: भाजपा ने झारखंड की इस सीट पर कर दिया 'खेला'! अपने ही गढ़ में उलझी कांग्रेस-JMM
Lok Sabha Election लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने झारखंड में कांग्रेस की गढ़ में सेंधमारी कर पार्टी को पूरी तरह से उलझा दिया है। पहले कांग्रेस सांसद गी ...और पढ़ें

HighLights
- दावेदारी स्पष्ट नहीं होने के कारण महागठबंधन के कार्यकर्ताओं में असमंजस
- जोबा मांझी, सुखराम उरांव व दीपक बिरुवा के नामों पर झामुमो में चर्चा
सुधीर पांडेय, चाईबासा। गीता कोड़ा के भारतीय जनता पार्टी में आने और सिंहभूम सीट से प्रत्याशी घोषित होने से इस लोकसभा क्षेत्र में राजनीति गरमा गयी है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही गीता कोड़ा को अपना उम्मीदवार घोषित कर चुनावी बिगुल फूंक दिया है।
वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा अभी तक यह भी तय नहीं कर पाई है कि सिंहभूम सीट से दावेदारी कौन करेगा। सीटों के बंटवारे के फार्मूले को माने तो इस सीट पर कांग्रेस की दावेदारी ही बनती है, मगर गीता कोड़ा के जाने के बाद कांग्रेस के पास अब ऐसा कोई दमदार प्रत्याशी नहीं रह गया है, जो 2024 के चुनाव में भाजपा से पार पा सके।
गठबंधन कार्यकर्ताओं में सीट को लेकर उहापोह
ऐसे में दूसरे विकल्प के तौर पर झामुमो अपने पांच विधायकों के बल पर लोकसभा में अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने की जुगत में है। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो झामुमो इस सीट से भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा के खिलाफ पूर्व मंत्री जोबा मांझी अथवा चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव पर दांव खेल सकती है।
तीसरे विकल्प के तौर पर चाईबासा के विधायक सह परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के बारे में भी झामुमो में चर्चा चल रही है। इस बीच यह तय नहीं हो पाने के कारण कि सिंहभूम लोकसभा सीट से कांग्रेस चुनाव लड़ेगा या झामुमो, कार्यकर्ताओं में फिलहाल ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
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इस स्थिति को भांपकर पार्टी छोड़ चुके कुछ पुराने कांग्रेसी एक बार फिर से कांग्रेस में आने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, उन्हें पार्टी में शामिल किया जायेगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जायेगा। फिलहाल, भाजपा की ओर से खेले गए ट्रम्प कार्ड का जवाब कांग्रेस व झामुमो के लिए खोजना आसान नजर नहीं आ रहा।