Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चाईबासा में 'मनरेगा' खत्म करने की साजिश के खिलाफ मजदूरों का हुंकार, 18 अप्रैल को होगा विशाल प्रदर्शन

    Updated: Mon, 30 Mar 2026 09:40 PM (IST)

    पश्चिमी सिंहभूम के तांतनगर में ग्रामीणों और मजदूरों ने 'गांधी सम्मान बचाओ, मनरेगा बचाओ' अभियान के तहत बैठक की। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का ...और पढ़ें

    मजदूरों का फाइल फोटो।

    मजदूरों का फाइल फोटो।

    HighLights

    1. मनरेगा के स्वरूप बदलने पर ग्रामीणों ने जताया विरोध।

    2. मजदूरों के कानूनी अधिकार पर हमले की आशंका।

    जागरण संवाददाता, चाईबासा । पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड अंतर्गत काठभारी पंचायत में सोमवार को गांधी सम्मान बचाओ, मनरेगा बचाओ अभियान के तहत ग्रामीणों और मजदूरों की बैठक हुई। इसमें केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्वरूप में बदलाव कर उसे नई योजना ‘वीबी जी रामजी’ के नाम से लागू करने की आशंका पर विरोध जताया गया।

    मजदूरों के कानूनी अधिकार पर हमला 

    बैठक को संबोधित करते हुए आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई ने कहा कि मनरेगा मात्र एक योजना नहीं, बल्कि एक कानूनी अधिकार है जो ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजना का नाम बदलकर मजदूरों के अधिकारों को सीमित करना चाहती है, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा होगा।

    ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है मनरेगा

    अभियानकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। लाखों परिवारों को स्थानीय स्तर पर काम मिला और गांवों में बुनियादी ढांचे का विकास हुआ। बैठक में आशंका जताई गई कि यदि इस योजना के ढांचे से छेड़छाड़ की गई, तो ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और गरीबी का स्तर तेजी से बढ़ेगा।

    18 अप्रैल को विशाल प्रदर्शन की तैयारी

    बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मनरेगा को बचाने और अपने हक की आवाज बुलंद करने के लिए 18 अप्रैल को काठभारी पंचायत में एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन में आसपास की पंचायतों के हजारों मजदूर और ग्रामीण हिस्सा लेंगे।

    खबरें और भी